Aaj Ka Panchang : हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष भाई दूज का पावन त्योहार 3 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 2 नवंबर 2024 को रात 8 बजकर 22 मिनट से प्रारंभ होकर 3 नवंबर 2024 को रात 11 बजकर 6 मिनट तक रहेगी, इसलिए भाई दूज का पर्व 3 नवंबर को विधिवत मनाया जाएगा।
भाई दूज का महत्व
भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और स्नेह को समर्पित है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक करके उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। बदले में भाई अपनी बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं।
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Aaj Ka Panchang : सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
- सूर्योदय 06:34 ए एम
- सूर्यास्त 05:34 पी एम
- चन्द्रोदय 08:07 ए एम
- चन्द्रास्त 06:32 पी एम
पंचांग
- तिथि द्वितीया – 10:05 पी एम तक
- नक्षत्र अनुराधा – पूर्ण रात्रि तक
- तृतीया करण बालव – 09:16 ए एम तकⓘ
- योग सौभाग्य – 11:40 ए एम तकⓘ
- कौलव – 10:05 पी एम तकⓘ
- शोभनⓘ तैतिलⓘ
- वार रविवारⓘ
- पक्ष शुक्ल पक्ष
चन्द्र मास एवं सम्वत
- शक सम्वत 1946 क्रोधी चन्द्रमास कार्तिक – पूर्णिमान्त
- विक्रम सम्वत 2081 पिङ्गल कार्तिक – अमान्त
- गुजराती सम्वत 2081 नल
राशि तथा नक्षत्र
- चन्द्र राशि वृश्चिक नक्षत्र पद अनुराधा – 12:32 पी एम तक
- सूर्य राशि तुला अनुराधा – 07:04 पी एम तक
- सूर्य नक्षत्र स्वाती अनुराधा – 01:35 ए एम, नवम्बर 04 तक
- सूर्य नक्षत्र पद स्वाती अनुराधा
ऋतु तथा अयन
- द्रिक ऋतु हेमन्त दिनमान 10 घण्टे 59 मिनट्स 43 सेकण्ड्स
- वैदिक ऋतु शरद रात्रिमान 13 घण्टे 01 मिनट 00 सेकण्ड्स
- द्रिक अयन दक्षिणायण मध्याह्न 12:04 पी एम
- वैदिक अयन दक्षिणायण
शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त 04:50 ए एम से 05:42 ए एम
- प्रातः सन्ध्या 05:16 ए एम से 06:34 ए एम
- विजय मुहूर्त 01:54 पी एम से 02:38 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त 05:34 पी एम से 06:00 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या 05:34 पी एम से 06:52 पी एम
- अमृत काल 08:45 पी एम से 10:30 पी एम
- निशिता मुहूर्त 11:38 पी एम से 12:30 ए एम, नवम्बर 04
अशुभ समय
- राहुकाल 04:11 पी एम से 05:34 पी एम
- यमगण्ड 12:04 पी एम से 01:26 पी एम
- गुलिक काल 02:49 पी एम से 04:11 पी एम
- विडाल योग पूरे दिन
- वर्ज्य 10:19 ए एम से 12:04 पी एम
- दुर्मुहूर्त 04:06 पी एम से 04:50 पी एम
- बाण रोग – 09:07 ए एम से पूर्ण रात्रि तक
- विंछुड़ो पूरे दिन
आनन्दादि एवं तमिल योग
- आनन्दादि योग मृत्यु
- तमिल योग मरण
- जीवनम अर्ध जीवन½ नेत्रम नेत्रहीन𝟢
निवास और शूल
- होमाहुति सूर्य☉
- दिशा शूल पश्चिम
- अग्निवास पृथ्वी – 10:05 पी एम तक
- चन्द्र वास उत्तरNorth
- आकाश राहु वास उत्तर
- शिववास गौरी के साथ – 10:05 पी एम तक
- कुम्भ चक्र पूर्व
- सभा में


