Aaj Ka Panchang : पंचांग, जिसे वैदिक पंचांग के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू कैलेंडर में समय और घटनाओं की गणना करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक प्राचीन और सटीक प्रणाली है। यह दैनिक जीवन और धार्मिक अनुष्ठानों के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत विवरण प्रदान करता है। यह पारंपरिक प्रणाली पाँच प्रमुख तत्वों पर आधारित है, जिनमें से प्रत्येक एक अद्वितीय उद्देश्य की पूर्ति करता है।
1. मुहूर्त (शुभ क्षण): पंचांग महत्वपूर्ण गतिविधियों और समारोहों को करने के लिए अनुकूल समय की पहचान करता है। माना जाता है कि ये शुभ क्षण विभिन्न प्रयासों की सफलता और सकारात्मक परिणामों को बढ़ाते हैं।
2. राहु काल (अशुभ काल): यह नए उद्यम शुरू करने या महत्वपूर्ण गतिविधियाँ करने के लिए प्रतिकूल या कम लाभकारी माने जाने वाले समय को उजागर करता है। इन समयों से बचने से संभावित चुनौतियों और बाधाओं को कम करने में मदद मिलती है।
3. सूर्योदय और सूर्यास्त का समय: पंचांग सूर्योदय और सूर्यास्त के लिए सटीक समय प्रदान करता है, जो दैनिक दिनचर्या और धार्मिक प्रथाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये समय दिन के उजाले के घंटों के साथ गतिविधियों और अनुष्ठानों को शेड्यूल करने में मदद करते हैं।
4. तिथि (चंद्र दिवस): पंचांग चंद्रमा और चंद्र दिनों के विशिष्ट चरणों का विवरण देता है। त्योहारों, अनुष्ठानों और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के समय का निर्धारण करने के लिए तिथि को समझना महत्वपूर्ण है।
5. सूर्य और चंद्रमा की स्थिति: ज्योतिषीय प्रभावों और संरेखण में अंतर्दृष्टि प्रदान करने के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति को ट्रैक किया जाता है। यह जानकारी अनुकूल और चुनौतीपूर्ण अवधि की भविष्यवाणी करने में सहायता करती है।
6. हिंदू महीने और पखवाड़े (पक्ष): पंचांग हिंदू महीनों और प्रत्येक महीने के भीतर दो पखवाड़े- शुक्ल पक्ष (बढ़ता चरण) और कृष्ण पक्ष (घटता चरण) को भी रेखांकित करता है। ये विभाजन व्यापक कैलेंडर ढांचे को समझने और तदनुसार घटनाओं की योजना बनाने में मदद करते हैं।
इन तत्वों को एकीकृत करके, पंचांग समय का एक विस्तृत और समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है, जो व्यक्तियों को उनके दैनिक जीवन और आध्यात्मिक प्रथाओं में मार्गदर्शन करता है।
Aaj Ka Panchang : सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
- सूर्योदय 06:05 ए एम
- सूर्यास्त 06:28 पी एम
- चन्द्रोदय 03:13 पी एम
- चन्द्रास्त 01:28 ए एम, सितम्बर 14
पंचांग
- तिथि दशमी – 10:30 पी एम तक
- नक्षत्र पूर्वाषाढा – 09:35 पी एम तक
- एकादशी उत्तराषाढा
- योग सौभाग्य – 08:48 पी एम तकⓘ
- करण तैतिल – 11:07 ए एम तकⓘ
- शोभनⓘ गर – 10:30 पी एम तकⓘ
- वार शुक्रवारⓘ वणिजⓘ
- पक्ष शुक्ल पक्ष
चन्द्र मास एवं सम्वत
- शक सम्वत 1946 क्रोधी चन्द्रमास भाद्रपद – पूर्णिमान्त
- विक्रम सम्वत 2081 पिङ्गल भाद्रपद – अमान्त
- गुजराती सम्वत 2080 राक्षस
राशि तथा नक्षत्र
- चन्द्र राशि धनु – 03:24 ए एम, सितम्बर 14 तक
- नक्षत्र पद पूर्वाषाढा – 09:50 ए एम तक
- मकर पूर्वाषाढा – 03:44 पी एम तक
- सूर्य राशि सिंह पूर्वाषाढा – 09:35 पी एम तक
- सूर्य नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी – 09:45 ए एम तक
- उत्तराषाढा – 03:24 ए एम, सितम्बर 14 तक
- उत्तराफाल्गुनी उत्तराषाढा
- सूर्य नक्षत्र पद पूर्वाफाल्गुनी – 09:45 ए एम तक
- उत्तराफाल्गुनी
ऋतु तथा अयन
- द्रिक ऋतु शरद दिनमान 12 घण्टे 23 मिनट्स 02 सेकण्ड्स
- वैदिक ऋतु वर्षा रात्रिमान 11 घण्टे 37 मिनट्स 26 सेकण्ड्स
- द्रिक अयन दक्षिणायण मध्याह्न 12:16 पी एम
- वैदिक अयन दक्षिणायण
Aaj Ka Panchang : शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त 04:32 ए एम से 05:18 ए एम
- प्रातः सन्ध्या 04:55 ए एम से 06:05 ए एम
- अभिजित मुहूर्त 11:51 ए एम से 12:41 पी एम
- विजय मुहूर्त 02:20 पी एम से 03:10 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त 06:28 पी एम से 06:51 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या 06:28 पी एम से 07:37 पी एम
- अमृत काल 04:51 पी एम से 06:26 पी एम
- निशिता मुहूर्त 11:53 पी एम से 12:40 ए एम, सितम्बर 14
- रवि योग पूरे दिन
अशुभ समय
- राहुकाल 10:43 ए एम से 12:16 पी एम
- यमगण्ड 03:22 पी एम से 04:55 पी एम
- आडल योग 09:45 ए एम से 09:35 पी एम
- विडाल योग 06:05 ए एम से 09:45 ए एम
- गुलिक काल 07:38 ए एम से 09:10 ए एम 09:35 पी एम से 06:05 ए एम, सितम्बर 14
- वर्ज्य 07:22 ए एम से 08:57 ए एम
- दुर्मुहूर्त 08:33 ए एम से 09:23 ए एम
- 05:14 ए एम, सितम्बर 14 से 06:46 ए एम, सितम्बर 14 12:41 पी एम से 01:31 पी एम
- बाण रोग – 05:58 पी एम तक
आनन्दादि एवं तमिल योग
- आनन्दादि योग वर्धमान – 09:35 पी एम तक
- तमिल योग सिद्ध – 09:35 पी एम तक
- आनन्द सिद्ध
- जीवनम निर्जीव – 09:45 ए एम तक𝟢 नेत्रम दो नेत्र𝟤
- अर्ध जीवन – 09:35 पी एम तक½
- निर्जीव𝟢
निवास और शूल
- होमाहुति शनि – 09:45 ए एम तक♄
- दिशा शूल पश्चिम
- शुक्र – 09:35 पी एम तक♀
- चन्द्र वास पूर्व – 03:24 ए एम, सितम्बर 14 तक
- शनि♄ दक्षिण – 03:24 ए एम, सितम्बर 14 से पूर्ण रात्रि तक
- अग्निवास आकाश – 10:30 पी एम तक
- राहु वास दक्षिण-पूर्व
- पातालⓘ कुम्भ चक्र पश्चिम – 09:45 ए एम तक
- शिववास सभा में – 10:30 पी एम तक
- दक्षिण – 09:35 पी एम तक
- क्रीड़ा में पश्चिम
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