Aaj Ka Panchang : हिंदू पंचांग, जिसे वैदिक पंचांग के रूप में भी जाना जाता है, हिंदू कैलेंडर में समय और घटनाओं की गणना के लिए उपयोग की जाने वाली एक प्राचीन और सटीक प्रणाली है। यह पाँच प्रमुख तत्वों पर आधारित है, जो शुभ क्षणों (मुहूर्त), अशुभ अवधियों (राहु काल), सूर्योदय और सूर्यास्त के समय, चंद्र दिनों (तिथियों), सूर्य और चंद्रमा की स्थिति, हिंदू महीनों और पखवाड़ों (पक्षों) के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।
पंचांग के तत्व
1. तिथि (चंद्र दिवस): हिंदू समय-निर्धारण में, तिथि वह अवधि होती है, जिसमें सूर्य और चंद्रमा के बीच कोणीय दूरी 12 डिग्री तक बढ़ जाती है। प्रत्येक चंद्र महीने में 30 तिथियाँ होती हैं, जिन्हें दो चरणों में विभाजित किया जाता है, शुक्ल पक्ष (बढ़ता हुआ चरण) और कृष्ण पक्ष (घटता हुआ चरण)। शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा (पूर्णिमा) के रूप में जाना जाता है, जबकि कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या (नया चाँद) कहा जाता है।
इन तत्वों को समझकर, आप अपनी गतिविधियों को पारंपरिक हिंदू कैलेंडर के साथ बेहतर ढंग से जोड़ सकते हैं, जिससे व्यक्तिगत और आध्यात्मिक दोनों तरह की घटनाओं का अनुकूलन हो सके।
Aaj Ka Panchang : सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
- सूर्योदय 05:59 ए एम
- सूर्यास्त 06:42 पी एम
- चन्द्रोदय 05:05 ए एम, सितम्बर 02
- चन्द्रास्त 05:59 पी एम
पंचांग
- तिथि चतुर्दशी – 05:21 ए एम, सितम्बर 02 तक
- नक्षत्र अश्लेशा – 09:49 पी एम तक
- अमावस्या मघा
- योग परिघ – 05:50 पी एम तकⓘ
- करण विष्टि – 04:28 पी एम तकⓘ
- शिवⓘ शकुनि – 05:21 ए एम, सितम्बर 02 तकⓘ
- वार रविवारⓘ चतुष्पादⓘ
- पक्ष कृष्ण पक्ष
चन्द्र मास एवं सम्वत
- शक सम्वत 1946 क्रोधी चन्द्रमास भाद्रपद – पूर्णिमान्त
- विक्रम सम्वत 2081 पिङ्गल श्रावण – अमान्त
- गुजराती सम्वत 2080 राक्षस
राशि तथा नक्षत्र
- चन्द्र राशि कर्क – 09:49 पी एम तक
- नक्षत्र पद अश्लेशा – 08:41 ए एम तक
- सिंह अश्लेशा – 03:14 पी एम तक
- सूर्य राशि सिंह अश्लेशा – 09:49 पी एम तक
- सूर्य नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी मघा – 04:24 ए एम, सितम्बर 02 तक
- सूर्य नक्षत्र पद पूर्वाफाल्गुनी मघा
ऋतु तथा अयन
- द्रिक ऋतु शरद दिनमान 12 घण्टे 42 मिनट्स 57 सेकण्ड्स
- वैदिक ऋतु वर्षा रात्रिमान 11 घण्टे 17 मिनट्स 31 सेकण्ड्स
- द्रिक अयन दक्षिणायण मध्याह्न 12:20 पी एम
- वैदिक अयन दक्षिणायण
Aaj Ka Panchang : शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त 04:29 ए एम से 05:14 ए एम
- प्रातः सन्ध्या 04:51 ए एम से 05:59 ए एम
- अभिजित मुहूर्त 11:55 ए एम से 12:46 पी एम
- विजय मुहूर्त 02:27 पी एम से 03:18 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त 06:42 पी एम से 07:04 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या 06:42 पी एम से 07:50 पी एम
- अमृत काल 08:04 पी एम से 09:49 पी एम
- निशिता मुहूर्त 11:58 पी एम से 12:43 ए एम, सितम्बर 02
अशुभ समय
- राहुकाल 05:06 पी एम से 06:42 पी एम
- यमगण्ड 12:20 पी एम से 01:56 पी एम
- आडल योग 09:49 पी एम से 05:59 ए एम, सितम्बर 02
- विडाल योग 05:59 ए एम से 09:49 पी एम
- गुलिक काल 03:31 पी एम से 05:06 पी एम
- दुर्मुहूर्त 05:00 पी एम से 05:51 पी एम
- वर्ज्य 09:36 ए एम से 11:21 ए एम
- भद्रा 05:59 ए एम से 04:28 पी एम
- गण्ड मूल पूरे दिन
- बाण चोर – 09:17 ए एम से पूर्ण रात्रि तक
आनन्दादि एवं तमिल योग
- आनन्दादि योग वज्र – 09:49 पी एम तक
- तमिल योग मरण – 09:49 पी एम तक
- मुद्गर मरण
- जीवनम अर्ध जीवन – 09:49 पी एम तक½ नेत्रम नेत्रहीन𝟢
- निर्जीव𝟢
निवास और शूल
- होमाहुति केतु☋
- दिशा शूल पश्चिम
- अग्निवास पृथ्वीEarth
- चन्द्र वास उत्तर – 09:49 पी एम तक
- भद्रावास मृत्यु – 04:28 पी एम तक पूर्व – 09:49 पी एम से पूर्ण रात्रि तक
- शिववास श्मशान में – 05:21 ए एम, सितम्बर 02 तक
- राहु वास उत्तरNorth
- गौरी के साथ कुम्भ चक्र कण्ठ


