Pahalgam Attack : जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम के समीप स्थित खूबसूरत बैसरन में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हमले में आतंकियों ने 28 निर्दोष पर्यटकों की जान ले ली। बताया जा रहा है कि आतंकियों ने लोगों का धर्म पूछकर, कुछ को कलमा पढ़वाकर, फिर उनके परिजनों के सामने बेरहमी से गोली मार दी। इस बर्बरता ने देशभर में गुस्से की लहर पैदा कर दी है।
इस दिल दहला देने वाली घटना पर अब जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के दिग्गज नेता रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का बड़ा बयान सामने आया है। राजा भैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लोगों से अपील की है कि वे कश्मीर घूमने न जाएं, क्योंकि इससे न केवल उनके जीवन को खतरा है, बल्कि वे अनजाने में आतंकवाद को आर्थिक सहायता भी पहुंचा रहे हैं।
“कश्मीर में पहले ही हिंदू मारे जा चुके हैं”
राजा भैया ने अपने पोस्ट में लिखा, “कश्मीर में हिन्दू तो पहले ही मारे-काटे जा चुके हैं, जो जान बचाकर भागने में सफल रहे, वे आज भी अपने ही देश में शरणार्थी हैं। अब अपने पर्यटक भाई-बहनों से कहना चाहूंगा कि जब हम अपने बच्चों को गर्मी की छुट्टियों में कश्मीर घुमाने ले जाते हैं, तो न केवल अपने परिवार के जीवन को खतरे में डालते हैं, बल्कि आतंकवादी, अलगाववादी, जेहादी ताकतों को आर्थिक रूप से मजबूत करते हैं। हम अपने ही खिलाफ छिड़े ‘जेहाद’ को अपनी जेब से फंड करते हैं।”
डल झील पर सेल्फी से गुमराह होता है विश्व
राजा भैया ने आगे लिखा कि कश्मीर जाकर हम जब डल झील पर नाव में बैठकर परिवार संग सेल्फी लेते हैं, तो यह विश्व को यह भ्रमित करने वाला संदेश देता है कि कश्मीर में सबकुछ सामान्य है, अमन-चैन है। “लेकिन आज फिर एक बार असलियत सामने आ गई है, जहां एक बार फिर निर्दोषों का खून बहाया गया।”
“हम कश्मीर जाकर उनके ‘अल-जेहाद’ को बल देते हैं”
राजा भैया ने अपने पोस्ट में लिखा, “इसमें कोई शक नहीं कि कश्मीर में लगभग सभी की मानसिकता अलगाववादी है – कोई प्रत्यक्ष तो कोई परोक्ष रूप से आतंक का समर्थन करता है। वहां के राजनैतिक दल भी इसका अपवाद नहीं हैं। ऐसे में हम कश्मीर जाकर होटल में रुककर, खाना खाकर, शॉपिंग करके उनके ‘अल-जेहाद’ को ही बल देते हैं।”
“पैंट उतरवाकर देखा गया – मोमिन या काफ़िर”
राजा भैया ने दावा किया कि इस हमले में आतंकियों ने इतनी बर्बरता की कि उन्होंने पीड़ितों की पैंट तक उतरवाकर यह जांचा कि वह ‘मोमिन’ हैं या ‘काफ़िर’। इसके बाद उन्हें उनके परिवार के सामने गोली मार दी गई। इस अमानवीय कृत्य से समाज में आक्रोश की लहर फैल गई है।
राजा भैया के इस बयान ने एक बार फिर कश्मीर में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर लोग खूबसूरत वादियों में छुट्टियां बिताने का सपना देखते हैं, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी उठता है कि क्या वह अनजाने में किसी गहरे खतरे को आमंत्रित कर रहे हैं?
देश में इस समय एक ओर पीड़ित परिवारों के आंसू थम नहीं रहे, वहीं दूसरी ओर यह बहस छिड़ गई है कि क्या कश्मीर को अब भी एक सुरक्षित पर्यटन स्थल माना जा सकता है?