Bihar Assembly Elections: बिहार में अक्टूबर-नवंबर में संभावित विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में भारत निर्वाचन आयोग की एक उच्चस्तरीय नौ सदस्यीय टीम बुधवार देर रात पटना पहुंची। यह टीम राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर आई है और बिहार में आगामी चुनावों की तैयारियों की व्यापक समीक्षा कर रही है।
तैयारियों की विस्तार से समीक्षा
गुरुवार को पटना में उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग की अध्यक्षता में आयोग की टीम ने बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल एवं उनके कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में विधानसभा चुनाव से पहले की जा रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में आयोग ने मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं, मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य, ईवीएम और वीवीपैट की उपलब्धता, लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति, लॉजिस्टिक सपोर्ट जैसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर फीडबैक लिया। साथ ही दिव्यांग मतदाताओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध विशेष सुविधाओं की जानकारी भी एकत्र की गई। आयोग ने यह भी जाना कि आचार संहिता लागू होने के बाद प्रशासन की क्या रणनीति और तैयारियां रहेंगी।
प्रमंडलीय अधिकारियों से होगी सीधी बातचीत
शुक्रवार को आयोग की टीम चार समूहों में बंटकर राज्य के सभी प्रमंडलों के आयुक्त, जिलाधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी (ईआरओ) एवं सहायक ईआरओ (एईआरओ) के साथ बैठक करेगी। इन प्रशिक्षण बैठकों के माध्यम से निर्वाचन आयोग जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों का आकलन करेगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त के दौरे की संभावना
तीन दिवसीय दौरे के अंत में आयोग की टीम अपनी संपूर्ण रिपोर्ट तैयार कर दिल्ली लौटेगी, जिसे मुख्य चुनाव आयुक्त को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त का भी बिहार दौरा संभावित है। माना जा रहा है कि इस दौरे के बाद ही आगामी विधानसभा चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा।
राजनीतिक दलों ने भी कसी कमर
उधर, बिहार की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने भी अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। चुनावी रणनीति, गठबंधन, उम्मीदवारों के चयन और जनसंपर्क अभियानों को लेकर बैठकों का दौर तेज हो गया है। अगले कुछ सप्ताहों में राज्य की राजनीतिक गतिविधियां और भी तेज़ होने की उम्मीद है।
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