Bihar Election: बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष और राजद के प्रमुख तेजस्वी यादव आज यानी 16 सितंबर से पांच दिन की ‘बिहार अधिकार यात्रा’ पर निकल रहे हैं। यह यात्रा 16 से 20 सितंबर तक चलेगी और इस बार तेजस्वी अकेले ही महागठबंधन का प्रतिनिधित्व करेंगे। यात्रा का आखिरी दिन वैशाली में होगा।
11 जिलों में जनसभा और कार्यक्रम
यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव 11 जिलों में जनसभाएं और कार्यक्रम करेंगे। जिन जिलों का दौरा होगा, उनमें जहानाबाद, नालंदा, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, समस्तीपुर, उजियारपुर और वैशाली शामिल हैं।
यात्रा के पहले दिन सुबह 10 बजे जहानाबाद के गांधी मैदान में तेजस्वी एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे नालंदा के इस्लामपुर और हिलसा, साथ ही पटना के फतुहा में भी कार्यक्रम करेंगे।
केंद्र और राज्य सरकार की नाकामियों पर फोकस
तेजस्वी इस यात्रा में खासतौर पर बिहार और केंद्र सरकार की नाकामियों को उजागर करेंगे। बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों की परेशानियों जैसे मुद्दे जनता के सामने रखेंगे। इसके साथ-साथ वे पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिलकर जमीन पर हालात का भी जायजा लेंगे।
पिछली वोटर यात्रा के बाद की एक खास पहल
इस यात्रा को खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि यह ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के ठीक बाद निकाली जा रही है। पिछले महीने तेजस्वी यादव ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ मिलकर वोटर लिस्ट पुनरीक्षण अभियान के विरोध में एक यात्रा निकाली थी, लेकिन उस दौरान कुछ जिलों का दौरा नहीं हो पाया था। इस बार उन जिलों पर खास ध्यान दिया जाएगा।
इस बार महागठबंधन के दूसरे दल नहीं होंगे शामिल
एक खास बात यह है कि इस बार इस यात्रा में महागठबंधन के दूसरे दल शामिल नहीं होंगे। यह पूरी तरह से राजद की अपनी यात्रा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह रणनीति तेजस्वी और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए अपनाई गई है। साथ ही कांग्रेस समेत अन्य दलों को यह संदेश भी देने का मौका है कि राजद के पास सबसे बड़ा जनाधार और नेतृत्व तेजस्वी यादव के हाथ में है।
कांग्रेस ने सीट शेयरिंग पर रखी अपनी मांग
जानकार बता रहे हैं कि पिछले राहुल गांधी के साथ हुई यात्रा में कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी ने जनता का ध्यान उनकी ओर भी खींचा था। इसी वजह से सीट शेयरिंग और चुनावी रणनीति को लेकर कांग्रेस खुलकर अपनी बात रख रही है। तेजस्वी की अकेली यह यात्रा महागठबंधन को यह संकेत देने की कोशिश है कि राजद इस बार चुनाव में सबसे आगे है।
जनता के बीच राजद का एजेंडा पेश करेंगे तेजस्वी
इस बिहार अधिकार यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव केंद्र और राज्य सरकार की वादाखिलाफी के मुद्दों को जोर-शोर से उठाएंगे और जनता के बीच राजद का चुनावी एजेंडा भी पेश करेंगे। पार्टी के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय मुद्दों और सरकारी नाकामियों को जनता तक पहुंचाएं।
यह यात्रा विधानसभा चुनाव से पहले राजद की सक्रियता और संगठन की ताकत दिखाने वाला एक बड़ा अभियान माना जा रहा है।
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