BJP Sindoor Yatra: पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरे देश में उत्साह और गर्व की लहर है। इसी क्रम में दिल्ली भाजपा ने सेना के पराक्रम और शौर्य को सम्मान देने के लिए राजधानी के विभिन्न इलाकों में तिरंगा यात्रा निकालने का निर्णय लिया है। सोमवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस से एक भव्य यात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसे “सिंदूर यात्रा” नाम दिया गया है।
यात्रा की शुरुआत और प्रमुख चेहरे
यह यात्रा पालिका बाजार गेट नंबर एक से आरंभ होगी और कनॉट प्लेस के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए देशभक्ति का संदेश देगी। यात्रा में कई प्रमुख नेताओं और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी, जिनमें शामिल हैं।
- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
- भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कोयंबटूर की विधायक वनिथी श्रीनिवासन
- दिल्ली भाजपा की सह प्रभारी एवं राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर
- पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी
- पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीत सेहरावत
- नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज
इस यात्रा का नेतृत्व चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल करेंगे। यात्रा के जरिए भाजपा देशवासियों को भारतीय सेना के साहस और त्याग की याद दिलाने के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना को और भी गहरा करना चाहती है।
पहले भी निकाली गई हैं तिरंगा यात्राएं
यह कोई पहली बार नहीं है जब दिल्ली भाजपा ने इस प्रकार की राष्ट्रवादी पहल की है। गत रविवार को नजफगढ़, जनकपुरी और करावल नगर में भी तिरंगा यात्राएं आयोजित की गई थीं। इससे पूर्व कर्तव्य पथ पर भी एक विशाल यात्रा निकाली गई थी, जिसमें हजारों की संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
कर्तव्य पथ पर आयोजित यात्रा के दौरान दिल्ली सरकार के मंत्री एवं करावल नगर के विधायक कपिल मिश्रा ने कहा था, “ (BJP Sindoor Yatra) यह तिरंगा यात्रा उस ऐतिहासिक क्षण का प्रतीक है, जब विश्व इतिहास में पहली बार किसी परमाणु शक्ति संपन्न देश के भीतर घुसकर आतंक के अड्डों को ध्वस्त किया गया।”
यात्रा का उद्देश्य
भाजपा का कहना है कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य केवल ऑपरेशन सिंदूर के प्रति समर्थन जताना नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य देश के युवाओं और नागरिकों में देशभक्ति, अनुशासन और भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की भावना को सशक्त करना भी है।
कपिल मिश्रा ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महज 90 मिनट में पाकिस्तान के 11 एयरबेस ध्वस्त कर दिए गए और 100 से अधिक आतंकियों का सफाया किया गया। यह भारत की सैन्य शक्ति और रणनीतिक दृढ़ता का अद्वितीय उदाहरण है।


