Hyderabad Forest News : दुनिया भर में विकास के नाम पर हो रही पेड़ों और जंगलों की अंधाधुंध कटाई का एक और दर्दनाक उदाहरण तेलंगाना के हैदराबाद शहर में देखने को मिला है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने न केवल हैदराबाद बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस वीडियो में रात के अंधेरे में कई बुलडोजर जंगल की कटाई करते हुए नजर आ रहे हैं और पीछे से मोर और अन्य जानवरों की दुख भरी चीखें सुनाई दे रही हैं। ये दृश्य न केवल प्राकृतिक संतुलन के लिए खतरे की घंटी हैं, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जंगलों की कटाई से किस तरह जानवरों का आशियाना उजड़ता है।
जंगल काटकर बनानी हैं इमारतें
यह वीडियो तेलंगाना के हैदराबाद शहर के पॉश इलाके गाछीबाउली के पास स्थित एक जंगल का है। खबरों के मुताबिक, इस जंगल को काटकर यहाँ पर इमारतें बनाई जाएंगी। विकास प्राधिकरण ने इस जंगल को काटने के लिए छुट्टियों के समय को चुना, जिससे इस कार्य को जल्दी पूरा किया जा सके। स्थानीय लोग पर्यावरण कार्यकर्ता और छात्र इस जंगल की कटाई को रोकने की लगातार मांग कर रहे हैं, क्योंकि यह जंगल न केवल वन्यजीवों के लिए बल्कि स्थानीय पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण है।
सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान
जंगल की कटाई के इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया है। उच्चतम न्यायालय ने तेलंगाना उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (न्यायिक) को कांचा गाचीबोवली वन क्षेत्र का तत्काल दौरा करने का आदेश दिया है, जहां 400 एकड़ जमीन पर पेड़ों की कटाई का प्रस्ताव था। यह मामला न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। कोर्ट ने कहा, “हम तेलंगाना उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (न्यायिक) को निर्देश देते हैं कि वह तुरंत इस स्थल का दौरा करें और आज अपराह्न 3.30 बजे तक अपनी अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत करें।”
आंदोलन का समर्थन
इस विवाद ने पर्यावरण प्रेमियों, स्थानीय लोगों और छात्रों को एकजुट कर दिया है। वे इस विकास कार्य को तत्काल रोकने की मांग कर रहे हैं, ताकि इस जंगल में रहने वाले जानवरों और पक्षियों का जीवन बचाया जा सके। स्थानीय लोग और कार्यकर्ता इस कटाई के विरोध में सड़कों पर उतरे हैं और न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।


