झारखंड में कांग्रेस (Congress) के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के आवास पर आयकर छापे में कथित तौर पर 350 करोड़ से अधिक नकदी की खोज की गई थी। इस घटनाक्रम से पूरे देश में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पैसा धीरज साहू का नहीं है, बल्कि गांधी परिवार का “एटीएम” है, उन्होंने विशेष रूप से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर निशाना साधा।
सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मांगा जवाब
आयकर विभाग की तलाशी पर प्रतिक्रिया देते हुए धीरज साहू ने पहले स्पष्ट किया था कि यह पैसा उनका नहीं है और इसका कांग्रेस (Congress) पार्टी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, “यह पैसा हमारे परिवार का है, जो काफी बड़ा है।” विवाद तब और बढ़ गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए हंसने वाले इमोजी के साथ एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी पोस्ट की।
आयकर विभाग ने 6 दिसंबर को छापेमारी कर धीरज साहू और उनके रिश्तेदारों के आवास की तलाशी ली थी। भाजपा विधायकों ने 15 दिसंबर को धीरज साहू के आवास पर मिली नकदी को लेकर झारखंड विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने घटना को लेकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी से जवाब मांगा।
कांग्रेस (Congress) महासचिव जयराम रमेश ने यह भी स्पष्ट किया कि धीरज साहू के आवास पर मिली नकदी का कांग्रेस पार्टी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने धीरज साहू से इस मामले पर स्पष्टीकरण देने का आग्रह किया। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि कांग्रेस सांसद के आवास पर पर्याप्त नकदी पाए जाने को लेकर चल रहे विवाद के बीच राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और स्पष्टीकरण मांग रहे हैं।


