Delhi Assembly Session : आज दिल्ली विधानसभा में हंगामे की पूरी संभावना है, क्योंकि दो अहम मुद्दों पर चर्चा होने वाली है। पहली चर्चा होगी CAG रिपोर्ट पर जिसमें दिल्ली सरकार की शराब नीति के तहत किए गए फैसलों के कारण हुए नुकसान का खुलासा किया गया है। दूसरी अहम घटना होगी डिप्टी स्पीकर का चुनाव जिसमें बीजेपी के वरिष्ठ विधायक मोहन सिंह बिष्ट का नाम सबसे आगे है।
CAG रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
दिल्ली विधानसभा के सत्र के दूसरे दिन यानी 25 जनवरी को दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने CAG (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) की रिपोर्ट को सदन में पेश किया। रिपोर्ट में शराब नीति के कारण दिल्ली सरकार को हुए 2002 करोड़ रुपये के नुकसान का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह नुकसान दिल्ली सरकार के कई गलत फैसलों की वजह से हुआ।
आबकारी विभाग की नीतियों में खामियां और क्षेत्रीय लाइसेंस जारी करने में हुई लापरवाही के कारण दिल्ली सरकार को 940 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा री-टेंडर प्रक्रिया के चलते 890 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शराब आपूर्ति के 71 प्रतिशत हिस्से पर सिर्फ तीन थोक विक्रेताओं का कब्जा था और कमीशन को ढाई गुना बढ़ा दिया गया था, जिससे 27 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
CAG की रिपोर्ट में और भी कई खामियों का उल्लेख किया गया, जिससे दिल्ली सरकार पर सवाल उठने तय हैं।
डिप्टी स्पीकर पद के लिए मोहन सिंह बिष्ट का नाम
दिल्ली विधानसभा में आज डिप्टी स्पीकर के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी, और इस पद के लिए बीजेपी के वरिष्ठ विधायक मोहन सिंह बिष्ट का नाम सामने आया है। दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुस्तफाबाद से बीजेपी विधायक मोहन सिंह बिष्ट के नाम का प्रस्ताव रखेंगी, और इस प्रस्ताव का समर्थन बीजेपी के अन्य विधायक मनजिंदर सिरसा, अनिल शर्मा और गजेंद्र यादव करेंगे।
मोहन सिंह बिष्ट छह बार के निर्वाचित विधायक हैं और दिल्ली विधानसभा में सबसे सीनियर विधायक माने जाते हैं। वह पहली बार 1998 में करावल नगर से विधायक बने थे और इस बार पार्टी ने उन्हें मुस्तफाबाद से उम्मीदवार बनाया है। उनके डिप्टी स्पीकर बनने की संभावना अब काफी ज्यादा दिख रही है, क्योंकि इस पद के लिए कोई अन्य दावेदार नहीं है।
आतिशी का बीजेपी पर आरोप
विधानसभा (Delhi Assembly Session ) सत्र की शुरुआत से पहले आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी ने बीजेपी पर तानाशाही के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में आते ही तानाशाही की हदें पार कर चुकी है। आतिशी ने कहा “बीजेपी ने ‘जय भीम’ के नारे लगाने के लिए आम आदमी पार्टी के विधायकों को तीन दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया और अब आज AAP विधायकों को विधानसभा परिसर में घुसने भी नहीं दिया जा रहा।”
आतिशी ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसा दिल्ली विधानसभा के इतिहास में कभी नहीं हुआ कि चुने हुए विधायकों को विधानसभा परिसर में प्रवेश से रोका गया हो। इस विवाद के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को तीन दिन के लिए सस्पेंड कर दिया था, और सत्र को दो दिन और बढ़ा दिया है, जो अब 1 मार्च तक चलेगा।


