Manoj Naravane: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए नरसंहार के बाद भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी संगठनों के खिलाफ एक बड़ी और साहसिक सैन्य कार्रवाई की है। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन जैसे संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल हमले किए, जिनमें नौ प्रमुख आतंकी अड्डे पूरी तरह ध्वस्त कर दिए गए।
इस कार्रवाई को लेकर सेना के पूर्व अध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा, “पिक्चर अभी बाकी है।” उनका यह बयान संकेत देता है कि अगर पाकिस्तान किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई करता है तो भारत और भी कठोर कदम उठाने को तैयार है।
पहलगाम हमले के बाद साहसिक प्रतिक्रिया
बता दें कि कुछ दिन पहले पहलगाम में हुए क्रूर आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इसके बाद से पूरे देश में आक्रोश था और जवाब की मांग की जा रही थी। भारत ने संयम और रणनीति के साथ इस हमले का जवाब देने का निर्णय लिया और ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया।
रात के अंधेरे में हमला
भारतीय वायुसेना ने इस ऑपरेशन को रात के अंधेरे में अंजाम दिया। मिसाइलों से किए गए हमलों में आतंक के नौ बड़े अड्डे निशाना बनाए गए, जो लंबे समय से आतंकी गतिविधियों का केंद्र थे। इस कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा के दो बड़े कमांडर भी मारे गए हैं।
रक्षा मंत्रालय का बयान
रक्षा मंत्रालय ने अपने आधिकारिक एक्स (Twitter) हैंडल से जानकारी देते हुए कहा, “महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया, जो भारत के सोचे-समझे और गैर-उकसावे वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह ऑपरेशन आतंकियों को जवाबदेह ठहराने और अनावश्यक युद्ध की स्थिति से बचने की भारत की नीति को रेखांकित करता है।”
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के इस ऑपरेशन को ‘युद्ध जैसी कार्रवाई’ करार दिया और कहा कि पाकिस्तान इसका करारा जवाब देगा। हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि यह हमला केवल आतंकी ढांचों को खत्म करने के लिए किया गया है, न कि पाकिस्तान की सेना या सरकार के खिलाफ।
भारत के इस साहसिक कदम से देशभर में सेना की सराहना हो रही है और जनता ने सरकार के इस फैसले को मजबूत और समयोचित बताया है।


