Ghulam Ali Khatana: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच बीजेपी के राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि भारत कभी भी युद्ध नहीं चाहता और ना ही उसे बढ़ावा देगा, लेकिन जब बात निर्दोष नागरिकों की हत्या की हो, तो भारत चुप नहीं बैठ सकता।
गुलाम अली खटाना ने कहा कि भारत एक जिम्मेदार और शक्तिशाली राष्ट्र है, जिसकी अगुवाई जनता द्वारा चुनी गई सरकार करती है। पाकिस्तान को यह समझना चाहिए कि दिनदहाड़े मासूम लोगों की बेरहमी से हत्या करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई
खटाना ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पीड़ितों को न्याय दिलाना आवश्यक था। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंकियों के बुनियादी ढांचे की पहचान की और उन्हें नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा, “भारत युद्ध करने का इच्छुक नहीं है, लेकिन हम अपने नागरिकों की हत्या पर खामोश नहीं रह सकते।”
खटाना (Ghulam Ali Khatana ने यह भी जोड़ा कि भारत ने बीते 70 वर्षों में हर मोर्चे पर तरक्की की है और अब समय आ गया है कि पाकिस्तान को अपने किए की कानूनी और नैतिक कीमत चुकानी पड़े।
ऑपरेशन सिंदूर को बताया ज़रूरी
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बात करते हुए खटाना ने कहा कि यह कार्रवाई पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए अनिवार्य थी। उन्होंने कहा, “भारत जो कहता है, वह करता है। पुलवामा और उरी हमलों का जवाब भी सेना ने दिया था और आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किया गया था। इसके बाद सीमा पर कुछ हद तक शांति आई थी, लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।”
पहलगाम हमले का किया जिक्र
खटाना ने बताया कि पाकिस्तान ने 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला कराया, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई। आतंकियों ने निर्दोष लोगों को निशाना बनाया। इस कायराना हरकत के जवाब में भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया है।
उन्होंने कहा कि इस जवाबी कार्रवाई का प्रभाव ज़रूर देखने को मिलेगा और यह भी भरोसा जताया कि देश को इसका सबूत भी मिलेगा।


