Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और अन्य जिलों में पिछले 24 घंटों से जारी भारी बारिश ने कहर बरपा दिया है। लगातार बारिश के चलते कई क्षेत्रों में भूस्खलन हुआ है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। सबसे दर्दनाक घटना शिमला के जुन्गा तहसील के पटवार सर्कल डबलू के उप-मोहाल जोत में सामने आई है, जहां एक घर भूस्खलन की चपेट में आ गया। इस हादसे में एक पिता और उसकी 10 वर्षीय पुत्री की मौत हो गई, जबकि मृतक की पत्नी बाल-बाल बच गई क्योंकि वह उस समय घर के बाहर थीं।
भूस्खलन से ढहे कई मकान
इसी तरह शिमला जिले के कोटखाई क्षेत्र के चोल गांव में भी भूस्खलन से एक मकान ढह गया, जिसमें दबने से बुजुर्ग महिला कलावती (पत्नी बालम सिंह) की मौत हो गई। राज्य में हो रही भारी बारिश और भूस्खलन से अब तक कई मकानों को नुकसान पहुंचा है और मवेशी भी मलबे में दबकर मारे गए हैं।
प्रदेश में रेड अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने सोमवार के लिए ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। खराब मौसम और विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
चरमराई ट्रांसपोर्ट और बिजली व्यवस्था
बारिश और भूस्खलन के चलते हिमाचल में चार नेशनल हाईवे समेत 662 सड़कें बंद हो गई हैं। 985 बिजली के ट्रांसफार्मर और 495 पेयजल योजनाएं ठप हो चुकी हैं। कांगड़ा, शिमला और कुल्लू के हवाई अड्डों से भी कोई उड़ान संचालित नहीं हो पाई है।
शिमला में HRTC बस पर गिरा मलबा
शिमला में रविवार को जगह-जगह भूस्खलन हुआ। हाईकोर्ट के पास एक चलती कार पर बिजली का खंभा गिर गया, लेकिन सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ। सुन्नी क्षेत्र में हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की एक बस पर पहाड़ी से मलबा गिरा, जबकि विकासनगर में दो गाड़ियां मलबे में दब गईं।
सैकड़ों कनाल उपजाऊ जमीन तबाह
ऊना जिले के कुड, हरोट, घढ़थोली और क्यारियां गांव में भारी बारिश के कारण कई घर खतरे की जद में आ गए हैं, जिससे सैकड़ों कनाल उपजाऊ भूमि बर्बाद हो गई। कांगड़ा में 14 और हमीरपुर में 3 मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
भरमौर-पठानकोट हाईवे बाधित होने से कई श्रद्धालु फंसे
सिरमौर में गिरि नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण जटौन बैराज से पानी छोड़ा गया है। लाहौल के त्रिलोकीनाथ मंदिर की सराय में 32 लोग, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, रास्ते बंद होने के कारण फंसे हुए हैं। भरमौर-पठानकोट हाईवे कई जगहों पर बाधित है।
चंबा, कुल्लू, किन्नौर में बढ़ा जलस्तर
चंबा के कंगेला गांव में पहाड़ी दरकने से दर्जनों मकान खतरे में हैं। कुल्लू में ब्यास नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कांगड़ा जिले में स्थित पौंग डैम से 1.10 लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
अगस्त में 72 फीसदी अधिक हुई बारिश
हिमाचल प्रदेश में इस बार अगस्त माह में सामान्य से 72 फीसदी अधिक बारिश हुई है। सामान्य औसत 256 मिमी के मुकाबले इस बार 440 मिमी बारिश दर्ज की गई। कुल्लू में 162%, शिमला में 126%, ऊना में 121% और चंबा में 104% अधिक बारिश हुई।
24 से 31 अगस्त के बीच चंबा में 589%, कुल्लू में 458%, लाहौल-स्पीति में 369% और शिमला में 349% अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इस सप्ताह पूरे प्रदेश में सामान्य से 291% अधिक वर्षा हुई है। औसतन जहां इस अवधि में 42.4 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार 165.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
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