Jharkhand Assembly Elections : झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा के पहले चरण के चुनाव आज हो रहे हैं। इस पहले चरण में 43 सीटों पर सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान हो रहा है। कुल 2.60 करोड़ मतदाताओं में से 1.37 करोड़ मतदाता इस चरण में मतदान करेंगे।
बता दें कि झारखंड विधानसभा चुनाव के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में भी चुनावी माहौल गर्म है। बिहार और पंजाब की चार-चार विधानसभा सीटों के अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश, असम समेत 11 राज्यों की 31 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। इसके साथ ही केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव हो रहा है, जहां राहुल गांधी के इस्तीफे से रिक्त हुई इस सीट से उनकी बहन प्रियंका गांधी चुनावी मैदान में हैं। झारखंड के विधानसभा चुनाव से लेकर बिहार, पंजाब और वायनाड के उपचुनाव तक, सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए इस समय चुनावी दांव पर लगे हुए हैं।
हेमंत सोरेन की अग्निपरीक्षा
झारखंड राज्य बनने के बाद से झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की राजनीति में शिबू सोरेन का नेतृत्व प्रमुख रहा है। लेकिन इस बार हेमंत सोरेन पार्टी की पूरी कमान संभालते नजर आ रहे हैं। पार्टी की चुनावी रणनीति, गठबंधन, और प्रचार अभियान सब हेमंत के नेतृत्व में हो रहे हैं। उनके साथ उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो आम तौर पर सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखती थीं। हेमंत पहले भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं, लेकिन इस बार उनका पूरा चुनाव अभियान पार्टी का केंद्र बिंदु बना हुआ है। शिबू सोरेन के स्वास्थ्य कारणों से सियासत से दूर होने के चलते यह चुनाव हेमंत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर तब जब उनके पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए हैं।
प्रशांत किशोर की नई भूमिका
बिहार की चार विधानसभा सीटों – तरारी, रामगढ़, इमामगंज और बेलागंज में भी उपचुनाव हो रहे हैं। 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ये उपचुनाव राजनीतिक दलों के लिए एक लिट्मस टेस्ट माने जा रहे हैं। इस बार चुनाव में प्रशांत किशोर (पीके), जो चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने हैं, अपनी पार्टी जनसुराज के उम्मीदवारों को मैदान में उतारकर अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।


