Kashmir Attack : मंगलवार को कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को गम और गुस्से में डुबो दिया। इस कायराना हमले में अब तक 28 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। पूरे देश में इस वीभत्स घटना की तीखी निंदा हो रही है। इस बीच छत्तीसगढ़ भाजपा द्वारा किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
छत्तीसगढ़ भाजपा ने X (पूर्व ट्विटर) पर एक तस्वीर साझा करते हुए टिप्पणी की, “धर्म पूछा, जाति नहीं… याद रखेंगे।” इस पोस्ट को लेकर कई राजनीतिक दलों और आम जनता के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
अखिलेश यादव का तीखा हमला
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा “भाजपा ने जम्मू कश्मीर के बेहद दर्दनाक हादसे पर बचकाना विज्ञापन छापकर साबित कर दिया है कि भाजपाइयों की संवेदना उन लोगों के प्रति शून्य है, जिन्होंने अपना जीवन खोया है और जिनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूटा है।”
उन्होंने आगे लिखा कि यदि भाजपा अब उस पोस्ट को हटा भी दे, तो भी यह पाप उसके समर्थक कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह आपदा के समय भी केवल सत्ता और सियासत के अवसर तलाशती है।
भाजपा सरकार की रणनीतिक चूक?
अखिलेश यादव ने इस हमले को केंद्र सरकार की नाकामी करार दिया। उन्होंने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर में भाजपा की ही सरकार है, तो इतने बड़े हमले की जिम्मेदारी से वह कैसे बच सकती है?
“अगर भाजपा सरकार ने पिछले हमलों से कोई सबक लिया होता, तो पहले से सतर्कता बरतती जाती और इस तरह के हमले रोके जा सकते थे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने देश की सुरक्षा को केवल जुमला बना कर छोड़ दिया है।
सुरक्षा इंतज़ामों पर सवाल
अखिलेश ने पूछा कि जब भाजपा और उनके समर्थक देशवासियों को जम्मू-कश्मीर भ्रमण के लिए प्रेरित कर रहे हैं, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम क्यों नहीं किए गए?
“जहां हमला हुआ वो कोई निर्जन स्थान नहीं था, बल्कि एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। इतने प्रसिद्ध स्थान पर सुरक्षा की बैठकें पहले क्यों नहीं हुईं? लोगों की जान जाने के बाद क्यों?”
उन्होंने भाजपा नेताओं पर भी तंज कसा कि वे खुद तो सुरक्षा के घेरों में चलते हैं, लेकिन आम जनता को असुरक्षित हालात में छोड़ देते हैं।
अग्निवीर योजना पर भी निशाना
सुरक्षा बलों की संख्या और संसाधनों पर भी सवाल उठाते हुए अखिलेश ने कहा “अगर भाजपा सरकार ये बहाना करती है कि हमारे पास सुरक्षा बलों की कमी है, तो इसके लिए भी वही जिम्मेदार है। अग्निवीर जैसी योजनाओं के ज़रिये भाजपा देश की सुरक्षा से समझौता कर रही है।”
उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए किसी भी प्रकार का राजनीतिक ‘प्रतिकार’ अब जनता को बहकाने वाला साबित नहीं होगा क्योंकि मरे हुए लोग वापस नहीं आएंगे।
“इतिहास माफ नहीं करेगा”
अपने बयान के अंत में अखिलेश यादव ने भाजपा पर स्वतंत्रता संग्राम से लेकर वर्तमान तक की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा “न तो देश की आज़ादी में भाजपाइयों ने कोई योगदान दिया और न ही वो आज उसकी रक्षा कर पा रहे हैं। लाख माफ़ी मांगने पर भी न इतिहास माफ करेगा न भविष्य।”
उन्होंने अंत में कहा कि ये समय राजनीतिक रोटियां सेंकने का नहीं, बल्कि उन परिवारों के साथ खड़े होने का है जिन्होंने अपनों को खो दिया है।


