Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के सतना जिले की मैहर तहसील से बदहाल सरकारी व्यवस्था की एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहां गौरैया गांव में तेज बारिश के कारण मुख्य सड़क पूरी तरह तेज बहाव में बह गई, जिससे गांव के लोगों की दैनिक जिंदगी बेहाल हो गई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्कूली बच्चों को घुटनों तक पानी में उतरकर स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे उनकी जान पर हर रोज़ खतरा मंडरा रहा है।
बारिश ने किया सड़क का सफाया
हाल ही में हुई भारी बारिश ने गौरैया, करैया, कुटाई सहित चार गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क को पूरी तरह तबाह कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी इसी स्थान पर तेज बहाव के चलते तीन बच्चों की दुखद मृत्यु हो चुकी है। इसके बावजूद अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान प्रशासन द्वारा नहीं किया गया है।
खतरे में स्कूली बच्चों की जिंदगी
हर दिन स्कूल जाने वाले बच्चे पानी से भरे खतरनाक रास्तों से होकर गुजरने को मजबूर हैं। वीडियो फुटेज में छोटे-छोटे बच्चे बैग लेकर पानी में चलते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील नागरिक का दिल दहला सकता है। ग्रामीण बताते हैं कि उन्हें हर दिन यह डर सताता है कि कहीं कोई और हादसा न हो जाए।
प्रशासन बना मौन दर्शक
ग्रामीणों ने इस मामले की कई बार शिकायत संबंधित विभागों और अधिकारियों से की है, लेकिन अब तक ना कोई पुलिया बनाई गई, और ना ही वैकल्पिक रास्ता तैयार किया गया। स्थिति यह हो गई है कि अगर कोई बीमार हो जाए तो उसे अस्पताल तक पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों की मांग
गांव वालों ने एक बार फिर प्रशासन से अपील की है कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाए और सड़क का पक्का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में कोई मासूम जान न जाए और लोग सुरक्षित रूप से आ-जा सकें।
यह मामला न केवल प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आज भी भारत के कई हिस्सों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। अब देखना यह है कि क्या सरकार और प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर जल्द कोई कारगर कदम उठाएंगे या फिर ग्रामीणों को यूं ही खतरे में जीना पड़ेगा।
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