Maharashtra News : शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इफ्तार पार्टी में जा रही हैं, लेकिन महाराष्ट्र में बीजेपी के मंत्री इसका विरोध कर रहे हैं। राउत ने सवाल उठाया, “यह कौन सी राजनीति है? कौन सा ढोंग है?” उन्होंने कहा कि जब तक तनाव पैदा नहीं किया जाएगा, तब तक बीजेपी चुनाव नहीं जीत पाएगी। राउत ने महाराष्ट्र और देश की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता जताते हुए कहा, “महाराष्ट्र की हालत क्या है? देश की हालत क्या हो गई है? जब जुम्मा और होली एक दिन आ गए तो देश में कोई पहाड़ नहीं टूट पड़ा।”
‘ऐसे देश कभी नहीं चलता’ – संजय राउत
राउत ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में जो नव हिंदुत्ववादी लोग बीजेपी में शामिल हुए हैं, वे पहले किसी और पार्टी में थे। वह लोग आरएसएस, बीजेपी और स्वतंत्र वीर सावरकर को गालियां देते थे, लेकिन अब बीजेपी में आकर उनकी भाषा बदल गई है, जो ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, “क्या मुसलमान और हिंदुत्व के लिए अलग-अलग दुकानें चलाना देश को ठीक दिशा में ले जाएगा? ऐसे देश कभी नहीं चलता।”
विभाजन से पहले की स्थिति पर सवाल
राउत ने कहा कि अखंड हिंदुस्तान की बात करने वाले लोग ही अब दो राष्ट्र बना रहे हैं, एक हिंदुत्ववादी लोगों के लिए और दूसरा मुसलमानों के लिए। यह वही स्थिति है जो विभाजन से पहले देश में थी। राउत ने बाबासाहेब अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे वक्त में चेतावनी दी थी। राउत ने मोहन भागवत के बार-बार दिए गए बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि हिंदू और मुसलमानों का डीएनए एक जैसा है। राउत ने पूछा, “भागवत के इस बयान पर अमल कौन करेगा? बीजेपी तो आपकी पार्टी है, तो उन पर नियंत्रण कौन रखेगा?”
देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश
राउत ने कहा कि बीजेपी और उसके नेताओं को यह समझना चाहिए कि वे देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह जो लोग बयान दे रहे हैं, उनके मुंह पर सिलाई कौन मारेगा? हिंदुओं के लिए मटन की अलग दुकान और मुसलमानों के लिए मटन की अलग दुकान, क्या यह देश में तमाशा चलाया है?”
औरंगजेब की कब्र का मसला
राउत ने औरंगजेब की कब्र के मामले में भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वहां सीआईएसएफ द्वारा सुरक्षा दी जा रही है, और सरकार ने अपनी तरफ से प्रोटेक्शन दिया है। राउत ने इसे सरकारी मामला बताते हुए कहा कि इस पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून व्यवस्था का मामला है, जिसे देवेंद्र फडणवीस और अमित शाह देखेंगे।
किसानों की आत्महत्या पर गहरी चिंता
राउत ने किसानों की आत्महत्या के मसले पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में 3000 किसानों ने आत्महत्या की है, और हाल ही में बुलढाणा में एक और किसान ने आत्महत्या की। राउत ने सवाल उठाया, “आप हलाला और झटका मटन की बात करते हैं, लेकिन क्या हिंदू-मुसलमान की राजनीति करने से सभी समस्याएं हल हो जाएंगी?”


