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One Nation One Election : एक साथ चुनाव की व्यवस्था कराने वाला भारत पहला देश नहीं, इन देशों में पहले से है लागू

by | Dec 17, 2024 | बड़ी खबर, मुख्य खबरें, राजनीति

One Nation One Election : भारत में जब से यह गणतंत्र बना है, तब से लोकसभा और विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया में कई बदलाव हुए हैं। देश में पहले 1951 से लेकर 1967 तक हर पांच साल में लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभा चुनाव एक साथ करवाए जाते थे। इस व्यवस्था ने चुनावी प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित बनाया था, क्योंकि दोनों चुनाव एक ही समय पर होते थे।

हालांकि, 1967 के बाद देश में कुछ राज्यों का पुनर्गठन हुआ और नए राज्य बने, जिसके कारण इस व्यवस्था को खत्म करना पड़ा। इसके बाद से लोकसभा और विधानसभा चुनाव अलग-अलग समय पर आयोजित होने लगे। हालांकि, अब भी ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की चर्चा जोर-शोर से हो रही है, और इस व्यवस्था को लागू करने के लिए कई सुझाव और प्रयास किए जा रहे हैं।

अगर हम दुनिया के अन्य देशों की बात करें, तो कई देशों में पहले से ही वन नेशन, वन इलेक्शन की व्यवस्था लागू है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, स्वीडन, बेल्जियम, इंडोनेशिया, जर्मनी, जापान, फिलीपींस और दक्षिण अफ्रीका प्रमुख हैं। इन देशों में राष्ट्रपति, संसद और विधानसभा चुनाव एक ही समय पर होते हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया को और सरल और व्यवस्थित बनाया जाता है।

हालांकि, भारत में इस व्यवस्था को लागू करने को लेकर कई चुनौतियां उठाई जा रही हैं। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि भारत में लोकसभा और विधानसभा दोनों का कार्यकाल पांच साल का होता है, लेकिन इन्हें इससे पहले भी भंग किया जा सकता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अगर ‘एक देश, एक चुनाव’ लागू किया जाता है तो इसे कैसे सुनिश्चित किया जाएगा?

यदि हम फ्रांस की बात करें, तो वहां हर पांच साल में राष्ट्रपति और नेशनल असेंबली के चुनाव एक साथ होते हैं। (One Nation One Election) फ्रांस में नेशनल असेंबली में बहुमत हासिल करने वाली पार्टी प्रधानमंत्री की नियुक्ति करती है। यह व्यवस्था चुनावों को सरल बनाती है और राजनीतिक स्थिरता को सुनिश्चित करती है।

इसी तरह, स्वीडन में हर चार साल में संसद और स्थानीय सरकार के चुनाव होते हैं। यहां एक ही दिन में नगरपालिका और काउंटी परिषद के लिए भी वोटिंग होती है। इस तरह की व्यवस्था से चुनाव प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित बनाया जा सकता है।

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