Patna Raid News : गुरुवार (27 मार्च, 2025) को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिहार के भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता तारिणी दास के ठिकानों पर छापेमारी की। खबर लिखे जाने तक ईडी की रेड पटना के पूर्णेन्दु नगर स्थित उनके आवास और दफ्तर सहित कुल चार ठिकानों पर चल रही थी। बताया जा रहा है कि तारिणी दास पर सरकारी टेंडरों को मैनेज करने और भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का आरोप है। इस कार्रवाई के चलते बिहार की सियासत में हलचल मच गई है, खासकर चुनावी माहौल में यह घटना सियासी बयानबाजी का कारण बन गई है।
आरजेडी और बीजेपी के नेताओं के बयान
ईडी की रेड पर राजद (आरजेडी) के विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने तीखा हमला करते हुए कहा कि “स्वागत है”। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में जमकर लूट और भ्रष्टाचार हो रहा है और इसमें मंत्री भी शामिल हैं। शाहीन ने राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि “सीएम अचेतावस्था में हैं, उनको कुछ पता नहीं रहता है, कहीं भी छापेमारी कर लीजिए, करोड़ों रुपये मिल जाएंगे।” उन्होंने कहा कि “देश में भ्रष्टाचार की राजधानी बिहार है।”
वहीं, बीजेपी के विधायक लखेंद्र पासवान ने कहा कि “सुशासन की सरकार है” और जो भी गड़बड़ी करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि “कार्रवाई जरूर होगी।”
दस्तावेज भी जब्त
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकद रुपये मिले हैं, जिसके बाद नोट गिनने की मशीन मंगाई गई है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक रूप से यह जानकारी सामने नहीं आई है कि कितनी रकम बरामद हुई है। साथ ही, यह भी बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता के घर से महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
विधानसभा में भी सवाल उठने की संभावना
इसी बीच यह छापेमारी उस वक्त हो रही है जब बिहार विधानसभा का बजट सत्र अपने आखिरी दिन पर है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि सदन में इस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए जा सकते हैं। इस बीच, महागठबंधन के विधायकों ने विधानसभा परिसर में वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया। इस विधेयक को ‘काला कानून’ और ‘असंवैधानिक’ बताते हुए उसे वापस लेने की मांग की जा रही है।


