Raebareli News: रायबरेली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हालिया दौरे के दौरान जमकर राजनीतिक घमासान हुआ है। दौरे के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उनके नेताओं पर हमला हुआ। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि अब उनके बयान भी बदलते नजर आ रहे हैं।
क्या हुआ था राहुल गांधी के दौरे पर?
9 सितंबर को राहुल गांधी रायबरेली पहुंचे थे। इसी दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को लेकर विरोध किया, नारे लगाए और बैनर लगाए, जिन पर लिखा था। “मोदी जी की मां का अपमान हिंदुस्तान बर्दाश्त नहीं करेगा।”
ये विरोध बिहार में हुई एक कथित टिप्पणी से जुड़ा बताया गया, जिसमें कांग्रेस समर्थक ने प्रधानमंत्री की मां के खिलाफ अपमानजनक बातें कही थीं।
बीजेपी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का आरोप
यूपी के बागवानी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इस पूरे मामले में रायबरेली पुलिस पर सीधे आरोप लगाए। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि राहुल गांधी के दौरे के लिए 70 किलोमीटर तक रूट डायवर्जन किया गया। रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों को जबरन हटाया गया। पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से बदसलूकी की, धक्का-मुक्की और मारपीट भी की।
उन्होंने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को चिट्ठी लिखी और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस का पलटवार
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पंकज तिवारी ने भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और उनके समर्थकों ने उनकी गाड़ी पर हमला किया। उन्होंने हरचंदपुर थाने में तहरीर दी और कहा “बीजेपी राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से डर गई है, इसलिए ऐसा हमला कराया गया।”
उनका कहना है कि राहुल गांधी की ‘वोट अधिकार यात्रा’ से बीजेपी घबराई हुई है, जिसमें उन्होंने वोट चोरी का मुद्दा उठाया है।
पुलिस की प्रेस नोट जारी, दोनों पक्षों के आरोपों को नकारा
अब इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब रायबरेली पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर दोनों पक्षों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
पहले कहा गया था कि रूट डायवर्जन हुआ है, लेकिन अब पुलिस ने कहा
- ना कोई रूट डायवर्जन हुआ।
- ना राहुल गांधी के काफिले पर कोई हमला हुआ।
- ना ही बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ कोई अभद्रता या मारपीट हुई।
पुलिस ने अपील की है कि खबरों को तोड़-मरोड़ कर न दिखाएं।
तो अब सवाल ये है – सच कौन बोल रहा है?
- बीजेपी कह रही है कि पुलिस कांग्रेस का पक्ष ले रही है और उनके कार्यकर्ताओं के साथ गलत हुआ।
- कांग्रेस कह रही है कि बीजेपी ने हमला किया और अब पुलिस सच छुपा रही है।
- और पुलिस कह रही है कि कुछ हुआ ही नहीं।
इस तरह, तीनों पक्षों की बातों में अंतर है और अब लोग समझ नहीं पा रहे कि किस पर भरोसा करें।
क्या असर पड़ेगा?
इस घटना ने रायबरेली का सियासी पारा चढ़ा दिया है। जहां राहुल गांधी अपनी ‘वोट अधिकार यात्रा’ से जनता को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं बीजेपी हर कदम पर विरोध कर रही है। अब इस झगड़े में पुलिस भी सवालों के घेरे में आ गई है, जिससे प्रशासनिक निष्पक्षता पर भी उंगली उठ रही है।
ये भी पढ़ें: Uttarakhand News: केदारनाथ में ग्लेशियर से हल्का एवलांच, कोई नुकसान नहीं, अलर्ट मोड पर प्रशासन
ये भी देखें: Mayawati On Akash Anand: आकाश आनंद को नई कमान!, क्या अब बिहार चुनाव में मचेगा घमासान?


