Sambhal News : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में विद्युत विभाग ने बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। 24 नवंबर को हुई हिंसा के बाद पुलिस और प्रशासन ने जहां अपनी सतर्कता बढ़ाई है, वहीं बिजली विभाग ने भी एक महीने के भीतर कड़े कदम उठाए हैं। विभाग ने अब तक 1400 बिजली चोरी के मामले दर्ज किए हैं, जिनमें 16 मस्जिदें और 2 मदरसे भी शामिल हैं। विभाग ने इन पर कुल 11 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसमें से 20 लाख रुपये की वसूली हो चुकी है।
बिजली चोरी की रोकथाम के लिए विद्युत विभाग का सबसे चर्चित कदम सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर के खिलाफ उठाया गया। 14 दिसंबर को जिले में बिजली चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें सपा सांसद के घर पर भी बिजली चोरी पकड़ी गई। इसके बाद विभाग ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 1.91 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। यह कदम अधिकारियों द्वारा स्पष्ट संदेश देने के रूप में देखा गया कि अब कोई भी व्यक्ति चाहे वह जनप्रतिनिधि हो या आम नागरिक, बिजली चोरी से बच नहीं पाएगा।
बिजली चोरी के खिलाफ विभाग की कार्रवाई
बिजली विभाग ने अभियान की रणनीति के तहत संभल (Sambhal News) सदर क्षेत्र में रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक चेकिंग की। इस दौरान अधिक लोड वाले क्षेत्रों की पहचान की गई और उन पर सख्त कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में हाल ही में 42 नए बिजली चोरी के मामले दर्ज किए गए हैं। विभाग ने बताया कि अब तक 22 मस्जिदों और 1 गिरजाघर ने नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया है, जो यह साबित करता है कि विभाग के कड़े कदमों का असर देखने को मिल रहा है।
अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि विभाग ने लगातार अभियान चलाकर उन स्थानों को चिन्हित किया है, जहां बिजली चोरी के कारण लोड अधिक था। इस कार्रवाई से यह उम्मीद जताई जा रही है कि अब बिजली चोरी की घटनाओं में कमी आएगी। विभाग की सख्ती और जागरूकता अभियान से न केवल चोरी पर काबू पाया जा रहा है, बल्कि लोगों में नए कनेक्शन के लिए भी जागरूकता बढ़ी है।
बिजली चोरी पर लगी लगाम
विद्युत विभाग के इस कदम से जहां बिजली चोरी पर काबू पाया जा रहा है, वहीं लोग नए कनेक्शन लेने के लिए भी प्रोत्साहित हो रहे हैं। विभाग की सख्त कार्रवाई से अब यह स्पष्ट हो गया है कि जो लोग बिना कनेक्शन के बिजली का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द अपने कनेक्शन का नवीनीकरण या नया कनेक्शन लेना होगा। इससे न केवल बिजली चोरी में कमी आएगी, बल्कि विभाग को भी राजस्व की प्राप्ति होगी।


