Sanjauli Mosque Case : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक मस्जिद के अंदर कथित अवैध निर्माण को लेकर तनाव बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार 11 सितंबर को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। एहतियात के तौर पर पुलिस ने शिमला के संजौली इलाके में धारा 163 लगा दी है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब हिंदू संगठनों ने एक बार फिर संजौली में मस्जिद के अंदर कथित अवैध निर्माण को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। आगे की स्थिति को रोकने के लिए पुलिस ने मस्जिद तक पहुंचने के रास्ते को बंद कर दिया था। हालांकि, प्रदर्शनकारी आक्रामक हो गए, पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर मस्जिद के पास जाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
संजौली में धारा 163 लागू
समाचार एजेंसी के अनुसार, इस घटना के बाद जिला पुलिस ने राज्य की सभी छह बटालियनों को संजौली में तैनात कर दिया है और मस्जिद स्थल को पूरी तरह से सील कर दिया है। शिमला के डिप्टी कमिश्नर अनुपम कश्यप ने कहा कि संजौली में धारा 163 लागू है और किसी भी अनधिकृत सभा या विरोध प्रदर्शन से सख्ती से निपटा जाएगा।
उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “लोगों ने विरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। हम शांति बनाए रखने के लिए तैयार हैं। हिमाचल में शांति की जिम्मेदारी हमारी है। पुलिस पूरी तरह से सतर्क है और कानून अपना काम कर रहा है। मामला अदालत में है। अगर कोई कानून अपने हाथ में लेता है तो प्रशासन कार्रवाई करेगा।
राज्य की कानून व्यवस्था को बिगड़ने नहीं देंगे हम
भाजपा कार्यकर्ता नारे लगा रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों ने उनका समर्थन नहीं किया है। हिमाचल प्रदेश सरकार के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा, शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना सभी का अधिकार है, लेकिन ऐसी कोई स्थिति नहीं होनी चाहिए जिससे राज्य की शांति भंग हो। हम राज्य की कानून व्यवस्था को बिगड़ने नहीं देंगे। पूरा मामला अदालत में है। अगर जगह अवैध पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी और कानून के मुताबिक उसे ध्वस्त किया जाएगा।
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