Major Pawan Kumar: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव की पृष्ठभूमि में एक और भारतीय जवान ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। पंजाब रेजीमेंट के सूबेदार मेजर पवन कुमार पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी में शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव शाहपुर (जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश) पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
रविवार को जब शहीद पवन कुमार का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा, तो गांव में हर तरफ चीख-पुकार मच गई। परिजनों की आंखों में आंसू थे और गांव का हर शख्स नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने उमड़ पड़ा।
भारतीय सेना ने उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। उनकी अंत्येष्टि में उनके छोटे भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान सेना के जवानों ने सलामी दी और गगनभेदी नारों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
‘ऐसी वीरता और बलिदान की कोई भरपाई नहीं’ – कुलदीप पठानिया
शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए कई जनप्रतिनिधि और नेता भी मौजूद रहे। सांसद राजीव भारद्वाज, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने भी शहीद पवन कुमार को श्रद्धांजलि दी। कुलदीप पठानिया ने भावुक होते हुए कहा कि, “ऐसी वीरता और बलिदान की कोई भरपाई नहीं हो सकती। देश हमेशा उनका ऋणी रहेगा।”
वहीं, सांसद राजीव भारद्वाज ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि, “पाकिस्तान ने भारत की बहनों का सिंदूर उजाड़ा था, लेकिन अब उसे इसका करारा जवाब मिल चुका है। पवन कुमार की शहादत से पूरा देश शोक में डूबा है और हिमाचल प्रदेश भी इस दुःख में साथ है।”
शहीद पवन कुमार की यह शहादत देशवासियों को एक बार फिर याद दिलाती है कि सीमा पर तैनात हमारे जवान हर क्षण अपने प्राणों की बाज़ी लगाकर देश की सुरक्षा कर रहे हैं। उनका यह बलिदान हमेशा अमर रहेगा।


