झारखंड (Jharkhand) में छापेमारी को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। आपको बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी लगातार जारी है।
वहीं ईडी की आज लगातार तीसरे दिन छापेमारी है। इसे पहले ईडी की छापेमारी मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल और उनके कर्मचारी के घरों में की गई थी, जहां 20-30 करोड़ से अधिक राशि बरामद हुए थी। फिर से आज (बुधवार) को मंत्रालय स्थित ग्रामीण विकास विभाग के ऑफिस में ईडी की छापेमारी चल रही है।
बता दें कि जहां ईडी की तलाशी चल रही वहीं मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल का भी दफ्तर है। ईडी की छापेमारी के समय संजीव लाल भी साथ में मौजूद रहें।
तैनात रहे सीआरपीएफ के जवान
मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि ग्रामीण विकास विभाग के टेंडर से संबंधित सारी फाइलों को खंगाला जा रहा है। साथ ही ग्रामीण विकास विभाग (ऑफिस) के बाहर सीआरपीएफ भी मौजूद रहे।
छापेमारी के दौरान बाहर के लोगों को अंदर-बाहर आने-जाने से भी रोक लगा दी गई है। ग्रामीण विकास विभाग अभी पूरी तरह से ED के कब्जे में है और तलाशी की जा रही है।
आलमगीर आलम कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री हैं। इससे पहले, उन्होंने हेमंत सोरेन और शिबू सोरेन सरकारों में मंत्री पद संभाला था। साहिबगंज जिले से ताल्लुक रखने वाले आलमगीर आलम को कांग्रेस और झामुमो गठबंधन सरकार में प्रभावशाली माना जाता है। अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं के विरोध के बावजूद उन्हें कांग्रेस कोटे के तहत चंपई सोरेन सरकार में मंत्री बनाया गया था। इस हालिया घटनाक्रम ने अटकलों को हवा दी है और झारखंड के राजनीतिक परिदृश्य में भ्रष्टाचार के गहरे निहितार्थों के बारे में सवाल उठाए हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी खुलासे सामने आने की उम्मीद है, जो संभावित रूप से राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को नया रूप दे सकते हैं।


