खुर्जा क्षेत्र में झारखंड एक्सप्रेस और शिव गंगा एक्सप्रेस ट्रेनों को पटरी से उतारने के इरादे से रेल लाइनों पर लोहे के टुकड़े रखकर रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय टीम का गठन किया है, जिसमें सिविल लाइंस, स्वाट, ग्रामीण एसओ, खुर्जा नगर, खुर्जा ग्रामीण पुलिस और एसएसपी ग्रामीण सर्विलांस के कर्मी शामिल हैं।
बता दें कि यह घटना, जो 6 दिसंबर को हुई, इसमें पुरानी रेलवे लाइन पर एक गार्ड को तैनात करना शामिल था, जिसके बारे में संदेह है कि यह पूर्व नियोजित कृत्य था। 6 दिसंबर और उसके बाद शिव गंगा एक्सप्रेस और झारखंड एक्सप्रेस ट्रेनों को निशाना बनाते हुए इसी तरह की घटनाएं सामने आईं। जांच से पता चला है कि अगर ट्रेनें तेज गति से चलतीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस घटना के आसपास की परिस्थितियों की सक्रियता से जांच कर रही है। सूत्रों का सुझाव है कि अपराधियों ने पटरियों के पास के स्थानों को चुना होगा जहां घनी वनस्पति कवर प्रदान करती है, जिससे गार्ड को चुराने के प्रयास के बाद आसानी से भागने में मदद मिलती है।
जांच में जुटी पुलिस
सवाल यह उठता है कि चोरों ने गार्डर को काटने और चोरी करने के लिए औजारों और संसाधनों का इस्तेमाल करने के बजाय सीधे रेलवे ट्रैक पर रखना क्यों पसंद किया। पुलिस इन पहलुओं पर गहनता से जांच करेगी। सीनियर सेक्शन इंजीनियर विकास कुमार की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
क्षेत्र में पिछली चोरियों से संभावित संबंध रखने वाले एक दर्जन से अधिक स्क्रैप डीलर फिलहाल पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में हैं। एसएसपी श्लोक कुमार ने जोर देकर कहा कि जांच के लिए एक समर्पित टीम सौंपी गई है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण की तैनाती भी शामिल है। रेलवे ट्रैक पर लोहे के टुकड़े रखने के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ने के लिए अधिकारी तेजी से काम कर रहे हैं।


