2 April Ka Panchang : पंचांग मुख्य रूप से पांच प्रमुख तत्वों या “अंगों” से बना होता है, जो समय और खगोलीय घटनाओं के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं।
ये है पांच तत्व
तिथि (चंद्र दिवस): किसी दिए गए दिन चंद्रमा का विशिष्ट चरण।
नक्षत्र (तारा नक्षत्र): 27 नक्षत्रों में से किसी एक में चंद्रमा की स्थिति।
वर (सप्ताह का दिन): सप्ताह का दिन, जो रविवार (रविवार) से शुरू होता है।
योग (चंद्र-सौर काल): सूर्य और चंद्रमा की स्थिति का एक विशेष संयोजन, जो दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करता है।
करण (तिथि का आधा भाग): तिथि का दो भागों में विभाजन, जिसका उपयोग अधिक सटीक समय गणना के लिए किया जाता है।
2 April Ka Panchang : सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
- सूर्योदय 06:10 ए एम
- सूर्यास्त 06:39 पी एम
- चन्द्रोदय 08:42 ए एम
- चन्द्रास्त 11:24 पी एम
पंचांग
- तिथि पञ्चमी – 11:49 पी एम तक
- नक्षत्र कृत्तिका – 08:49 ए एम तक
- षष्ठी रोहिणी
- योग आयुष्मान् – 02:50 ए एम, अप्रैल 03 तक
- करण बव – 01:07 पी एम तक
- सौभाग्य बालव – 11:49 पी एम तक
- वार बुधवार कौलव
- पक्ष शुक्ल पक्ष
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर
- विक्रम सम्वत 2082 कालयुक्त
- बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त – 03:07 पी एम, अप्रैल 25, 2025 तकⓘ
- शक सम्वत 1947 विश्वावसु सिद्धार्थी
- गुजराती सम्वत 2081 नल
- चन्द्रमास चैत्र – पूर्णिमान्त
- प्रविष्टे/गते 20 चैत्र – अमान्त
राशि तथा नक्षत्र
- चन्द्र राशि वृषभ नक्षत्र पद कृत्तिका – 08:49 ए एम तक
- सूर्य राशि मीन रोहिणी – 02:20 पी एम तक
- सूर्य नक्षत्र रेवती रोहिणी – 07:52 पी एम तक
- सूर्य नक्षत्र पद रेवती रोहिणी – 01:26 ए एम, अप्रैल 03 तक
- रोहिणी
ऋतु तथा अयन
- द्रिक ऋतु वसन्त दिनमान 12 घण्टे 29 मिनट्स 33 सेकण्ड्स
- वैदिक ऋतु वसन्त रात्रिमान 11 घण्टे 29 मिनट्स 18 सेकण्ड्स
- द्रिक अयन उत्तरायण मध्याह्न 12:24 पी एम
- वैदिक अयन उत्तरायण
2 April Ka Panchang : शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त 04:37 ए एम से 05:24 ए एम
- प्रातः सन्ध्या 05:00 ए एम से 06:10 ए एम
- अभिजित मुहूर्त कोई नहीं
- विजय मुहूर्त 02:29 पी एम से 03:19 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त 06:38 पी एम से 07:01 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या 06:39 पी एम से 07:48 पी एम
- अमृत काल 06:39 ए एम से 08:06 ए एम
- निशिता मुहूर्त 12:01 ए एम, अप्रैल 03 से 12:47 ए एम, अप्रैल 03
- 04:04 ए एम, अप्रैल 03 से 05:33 ए एम, अप्रैल 03
- रवि योग 06:10 ए एम से 08:49 ए एम
- सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन
अशुभ समय
- राहुकाल 12:24 पी एम से 01:58 पी एम
- यमगण्ड 07:43 ए एम से 09:17 ए एम
- गुलिक काल 10:51 ए एम से 12:24 पी एम
- दुर्मुहूर्त 11:59 ए एम से 12:49 पी एम
- वर्ज्य 11:38 पी एम से 01:07 ए एम, अप्रैल 03
- बाण मृत्यु – 10:52 पी एम से पूर्ण रात्रि तक
आनन्दादि एवं तमिल योग
- आनन्दादि योग सिद्धि – 08:49 ए एम तक
- तमिल योग अमृत – 08:49 ए एम तक
- शुभ सिद्ध
- जीवनम अर्ध जीवन½ नेत्रम नेत्रहीन – 08:49 ए एम तक𝟢
- एक नेत्र𝟣
निवास और शूल
- होमाहुति बुध☿
- दिशा शूल उत्तर
- अग्निवास पाताल – 11:49 पी एम तक
- नक्षत्र शूल पश्चिम – 08:49 ए एम से पूर्ण रात्रि तक
- पृथ्वी
- चन्द्र वास दक्षिण
- शिववास कैलाश पर – 11:49 पी एम तक
- राहु वास दक्षिण-पश्चिम
- नन्दी पर कुम्भ चक्र पूर्व


