31 March Ka Panchang : पंचांग मुख्य रूप से पांच प्रमुख तत्वों या “अंगों” से बना होता है, जो समय और खगोलीय घटनाओं के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं।
ये है पांच तत्व
तिथि (चंद्र दिवस): किसी दिए गए दिन चंद्रमा का विशिष्ट चरण।
नक्षत्र (तारा नक्षत्र): 27 नक्षत्रों में से किसी एक में चंद्रमा की स्थिति।
वर (सप्ताह का दिन): सप्ताह का दिन, जो रविवार (रविवार) से शुरू होता है।
योग (चंद्र-सौर काल): सूर्य और चंद्रमा की स्थिति का एक विशेष संयोजन, जो दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करता है।
करण (तिथि का आधा भाग): तिथि का दो भागों में विभाजन, जिसका उपयोग अधिक सटीक समय गणना के लिए किया जाता है।
31 March Ka Panchang : सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
- सूर्योदय 06:12 ए एम
- सूर्यास्त 06:38 पी एम
- चन्द्रोदय 07:11 ए एम
- चन्द्रास्त 09:01 पी एम
पंचांग
- तिथि द्वितीया – 09:11 ए एम तक
- नक्षत्र अश्विनी – 01:45 पी एम तक
- तृतीया – 05:42 ए एम, अप्रैल 01 तक
- भरणी चतुर्थी
- करण कौलव – 09:11 ए एम तक
- योग वैधृति – 01:46 पी एम तक
- तैतिल – 07:24 पी एम तक
- विष्कम्भ गर – 05:42 ए एम, अप्रैल 01 तक
- वार सोमवार वणिज
- पक्ष शुक्ल पक्ष
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर
- विक्रम सम्वत 2082 कालयुक्त
- बृहस्पति संवत्सर
- कालयुक्त – 03:07 पी एम, अप्रैल 25, 2025 तक
- शक सम्वत 1947 विश्वावसु सिद्धार्थी
- गुजराती सम्वत 2081 नल
- चन्द्रमास चैत्र – पूर्णिमान्त
- प्रविष्टे/गते 18 चैत्र – अमान्त
राशि तथा नक्षत्र
- चन्द्र राशि मेष नक्षत्र पद अश्विनी – 08:26 ए एम तक
- सूर्य राशि मीन अश्विनी – 01:45 पी एम तक
- सूर्य नक्षत्र उत्तर भाद्रपद – 02:08 पी एम तक भरणी – 07:04 पी एम तक
- रेवती भरणी – 12:23 ए एम, अप्रैल 01 तक
- सूर्य नक्षत्र पद उत्तर भाद्रपद – 02:08 पी एम तक भरणी – 05:44 ए एम, अप्रैल 01 तक
- रेवती भरणी
ऋतु तथा अयन
- द्रिक ऋतु वसन्त दिनमान 12 घण्टे 26 मिनट्स 09 सेकण्ड्स
- वैदिक ऋतु वसन्त रात्रिमान 11 घण्टे 32 मिनट्स 41 सेकण्ड्स
- द्रिक अयन उत्तरायण मध्याह्न 12:25 पी एम
- वैदिक अयन उत्तरायण
31 March Ka Panchang : शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त 04:39 ए एम से 05:26 ए एम
- प्रातः सन्ध्या 05:02 ए एम से 06:12 ए एम
- अभिजित मुहूर्त 12:00 पी एम से 12:50 पी एम
- विजय मुहूर्त 02:29 पी एम से 03:19 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त 06:37 पी एम से 07:00 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या 06:38 पी एम से 07:47 पी एम
- अमृत काल 07:24 ए एम से 08:48 ए एम
- निशिता मुहूर्त 12:01 ए एम, अप्रैल 01 से 12:47 ए एम, अप्रैल 01
- रवि योग 01:45 पी एम से 02:08 पी एम
अशुभ समय
- राहुकाल 07:45 ए एम से 09:18 ए एम
- यमगण्ड 10:52 ए एम से 12:25 पी एम
- गुलिक काल 01:58 पी एम से 03:31 पी एम
- विडाल योग 06:12 ए एम से 01:45 पी एम
- वर्ज्य 10:13 ए एम से 11:38 ए एम 02:08 पी एम से 06:11 ए एम, अप्रैल 01
- 10:17 पी एम से 11:43 पी एम
- दुर्मुहूर्त 12:50 पी एम से 01:40 पी एम
- गण्ड मूल 06:12 ए एम से 01:45 पी एम 03:19 पी एम से 04:09 पी एम
- बाण रोग – 10:14 पी एम से पूर्ण रात्रि तक
आनन्दादि एवं तमिल योग
- आनन्दादि योग राक्षस – 01:45 पी एम तक
- तमिल योग मरण – 01:45 पी एम तक
- चर सिद्ध
- जीवनम अर्ध जीवन½ नेत्रम नेत्रहीन𝟢
निवास और शूल
- होमाहुति सूर्य – 01:45 पी एम तक☉
- दिशा शूल पूर्व
- बुध – 02:08 पी एम तक☿
- चन्द्र वास पूर्व
- सूर्य
- राहु वास उत्तर-पश्चिम
- अग्निवास आकाश – 09:11 ए एम तक
- कुम्भ चक्र पूर्व
- पाताल – 05:42 ए एम, अप्रैल 01 तक
- पृथ्वी
- शिववास गौरी के साथ – 09:11 ए एम तक
- सभा में – 05:42 ए एम, अप्रैल 01 तक
- क्रीड़ा में


