9 April Ka Panchang : हिंदु समाज में पंचांग का बहुत महत्व है। किसी भी शुभ कार्य करने से पहले पंचांग देखा जाता है। पंचांग मुख्य रूप से पांच प्रमुख तत्वों या “अंगों” से बना होता है, जो समय और खगोलीय घटनाओं के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं।
ये है पांच तत्व
तिथि (चंद्र दिवस): किसी दिए गए दिन चंद्रमा का विशिष्ट चरण।
नक्षत्र (तारा नक्षत्र): 27 नक्षत्रों में से किसी एक में चंद्रमा की स्थिति।
वर (सप्ताह का दिन): सप्ताह का दिन, जो रविवार (रविवार) से शुरू होता है।
योग (चंद्र-सौर काल): सूर्य और चंद्रमा की स्थिति का एक विशेष संयोजन, जो दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करता है।
करण (तिथि का आधा भाग): तिथि का दो भागों में विभाजन, जिसका उपयोग अधिक सटीक समय गणना के लिए किया जाता है।
9 April Ka Panchang : सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
- सूर्योदय 06:02 ए एम
- सूर्यास्त 06:43 पी एम
- चन्द्रोदय 03:39 पी एम
- चन्द्रास्त 04:34 ए एम, अप्रैल 10
पंचांग
- तिथि द्वादशी – 10:55 पी एम तक
- नक्षत्र मघा – 09:57 ए एम तक
- त्रयोदशी पूर्वाफाल्गुनी
- योग गण्ड – 06:26 पी एम तक
- करण बव – 10:00 ए एम तक
- वृद्धि बालव – 10:55 पी एम तक
- वार बुधवार कौलव
- पक्ष शुक्ल पक्ष
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर
- विक्रम सम्वत 2082 कालयुक्त
- बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त – 03:07 पी एम, अप्रैल 25, 2025 तक
- शक सम्वत 1947 विश्वावसु सिद्धार्थी
- गुजराती सम्वत 2081 नल
- चन्द्रमास चैत्र – पूर्णिमान्त
- प्रविष्टे/गते 27ⓘ चैत्र – अमान्त
राशि तथा नक्षत्र
- चन्द्र राशि सिंह नक्षत्र पद मघा – 09:57 ए एम तक
- सूर्य राशि मीन पूर्वाफाल्गुनी – 04:32 पी एम तक
- सूर्य नक्षत्र रेवती पूर्वाफाल्गुनी – 11:08 पी एम तक
- सूर्य नक्षत्र पद रेवती पूर्वाफाल्गुनी – 05:45 ए एम, अप्रैल 10 तक
- पूर्वाफाल्गुनी
ऋतु तथा अयन
- द्रिक ऋतु वसन्त दिनमान 12 घण्टे 41 मिनट्स 18 सेकण्ड्स
- वैदिक ऋतु वसन्त रात्रिमान 11 घण्टे 17 मिनट्स 35 सेकण्ड्स
- द्रिक अयन उत्तरायण मध्याह्न 12:22 पी एम
- वैदिक अयन उत्तरायण
9 April Ka Panchang : शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त 04:31 ए एम से 05:16 ए एम
- प्रातः सन्ध्या 04:54 ए एम से 06:02 ए एम
- अभिजित मुहूर्त कोई नहीं
- विजय मुहूर्त 02:29 पी एम से 03:20 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त 06:42 पी एम से 07:04 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या 06:43 पी एम से 07:51 पी एम
- अमृत काल 07:21 ए एम से 09:05 ए एम
- निशिता मुहूर्त 11:59 पी एम से 12:44 ए एम, अप्रैल 10
- 05:21 ए एम, अप्रैल 10 से 07:07 ए एम, अप्रैल 10
अशुभ समय
- राहुकाल 12:22 पी एम से 01:58 पी एम
- यमगण्ड 07:37 ए एम से 09:12 ए एम
- गुलिक काल 10:47 ए एम से 12:22 पी एम
- दुर्मुहूर्त 11:57 ए एम से 12:48 पी एम
- वर्ज्य 06:46 पी एम से 08:32 पी एम
- गण्ड मूल 06:02 ए एम से 09:57 ए एम
- बाण रोग – 01:36 ए एम, अप्रैल 10 से पूर्ण रात्रि तक
आनन्दादि एवं तमिल योग
- आनन्दादि योग चर – 09:57 ए एम तक
- तमिल योग सिद्ध – 09:57 ए एम तक
- स्थिर अमृत
- जीवनम पूर्ण जीवन𝟣 नेत्रम दो नेत्र𝟤
निवास और शूल
- होमाहुति शनि
- दिशा शूल उत्तर
- अग्निवास आकाश – 10:55 पी एम तक
- चन्द्र वास पूर्व
- पाताल
- राहु वास दक्षिण-पश्चिम
- शिववास कैलाश पर – 10:55 पी एम तक
- कुम्भ चक्र पश्चिम
- नन्दी पर


