Aaj Ka Panchang : पंचांग मुख्य रूप से पांच प्रमुख तत्वों या “अंगों” से बना होता है, जो समय और खगोलीय घटनाओं के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं।
ये है पांच तत्व
तिथि (चंद्र दिवस): किसी दिए गए दिन चंद्रमा का विशिष्ट चरण।
नक्षत्र (तारा नक्षत्र): 27 नक्षत्रों में से किसी एक में चंद्रमा की स्थिति।
वर (सप्ताह का दिन): सप्ताह का दिन, जो रविवार (रविवार) से शुरू होता है।
योग (चंद्र-सौर काल): सूर्य और चंद्रमा की स्थिति का एक विशेष संयोजन, जो दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करता है।
करण (तिथि का आधा भाग): तिथि का दो भागों में विभाजन, जिसका उपयोग अधिक सटीक समय गणना के लिए किया जाता है।
Aaj Ka Panchang : सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
- सूर्योदय 07:08 ए एम
- सूर्यास्त 06:01 पी एम
- चन्द्रोदय 09:34 ए एम
- चन्द्रास्त 10:11 पी एम
पंचांग
- तिथि चतुर्थी – 09:14 ए एम तक
- नक्षत्र उत्तर भाद्रपद – 12:52 ए एम, फरवरी 03 तक
- पञ्चमी – 06:52 ए एम, फरवरी 03 तक रेवती
- षष्ठी करण विष्टि – 09:14 ए एम तकⓘ
- योग शिव – 09:14 ए एम तकⓘ
- बव – 08:02 पी एम तकⓘ
- सिद्ध – 06:06 ए एम, फरवरी 03 तकⓘ
- बालव – 06:52 ए एम, फरवरी 03 तकⓘ
- साध्यⓘ कौलवⓘ
- वार रविवारⓘ
- पक्ष शुक्ल पक्ष
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति सम्वत्सर
- विक्रम सम्वत 2081 पिङ्गलⓘ बृहस्पति सम्वत्सर
- पिङ्गल – 02:14 पी एम, अप्रैल 29, 2024 तकⓘ
- शक सम्वत 1946 क्रोधीⓘ कालयुक्तⓘ
- गुजराती सम्वत 2081 नलⓘ चन्द्रमास माघ – पूर्णिमान्तⓘ
- प्रविष्टे/गते 20ⓘ माघ – अमान्तⓘ
राशि तथा नक्षत्र
- चन्द्र राशि मीन नक्षत्र पद उत्तर भाद्रपद – 08:07 ए एम तक
- सूर्य राशि मकर उत्तर भाद्रपद – 01:42 पी एम तक
- सूर्य नक्षत्र श्रवण उत्तर भाद्रपद – 07:17 पी एम तक
- सूर्य नक्षत्र पद श्रवण – 01:04 ए एम, फरवरी 03 तक
- उत्तर भाद्रपद – 12:52 ए एम, फरवरी 03 तक
- श्रवण रेवती – 06:27 ए एम, फरवरी 03 तक
- रेवती
ऋतु तथा अयन
- द्रिक ऋतु शिशिर दिनमान 10 घण्टे 52 मिनट्स 45 सेकण्ड्स
- वैदिक ऋतु शिशिर रात्रिमान 13 घण्टे 06 मिनट्स 39 सेकण्ड्स
- द्रिक अयन उत्तरायण मध्याह्न 12:35 पी एम
- वैदिक अयन उत्तरायण
Aaj Ka Panchang : शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त 05:23 ए एम से 06:16 ए एम
- प्रातः सन्ध्या 05:49 ए एम से 07:08 ए एम
- अभिजित मुहूर्त 12:13 पी एम से 12:56 पी एम
- विजय मुहूर्त 02:23 पी एम से 03:07 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त 05:58 पी एम से 06:25 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या 06:01 पी एम से 07:20 पी एम
- अमृत काल 08:24 पी एम से 09:53 पी एम
- निशिता मुहूर्त 12:08 ए एम, फरवरी 03 से 01:01 ए एम, फरवरी 03
- सर्वार्थ सिद्धि योग 07:08 ए एम से 12:52 ए एम, फरवरी 03
- रवि योग 12:52 ए एम, फरवरी 03 से 07:08 ए एम, फरवरी 03
अशुभ समय
- राहुकाल 04:39 पी एम से 06:01 पी एमRahu Kalam
- यमगण्ड 12:35 पी एम से 01:56 पी एम
- गुलिक काल 03:18 पी एम से 04:39 पी एम
- विडाल योग 12:52 ए एम, फरवरी 03 से 07:08 ए एम, फरवरी 03
- वर्ज्य 11:28 ए एम से 12:58 पी एम
- दुर्मुहूर्त 04:34 पी एम से 05:17 पी एम
- गण्ड मूल 12:52 ए एम, फरवरी 03 से 07:08 ए एम, फरवरी 03
- भद्रा 07:08 ए एम से 09:14 ए एम
- बाण मृत्यु – 01:04 ए एम, फरवरी 03 तक
- पञ्चक पूरे दिन
- अग्नि – 01:04 ए एम, फरवरी 03 से पूर्ण रात्रि तक
आनन्दादि एवं तमिल योग
- आनन्दादि योग स्थिर – 12:52 ए एम, फरवरी 03 तक
- तमिल योग अमृत – 12:52 ए एम, फरवरी 03 तक
- वर्धमान सिद्ध
- जीवनम अर्ध जीवन½ नेत्रम एक नेत्र𝟣
निवास और शूल
- होमाहुति बुध☿
- दिशा शूल पश्चिम
- अग्निवास पाताल – 09:14 ए एम तकⓘ
- चन्द्र वास उत्तर
- पृथ्वीEarth राहु वास उत्तर
- भद्रावास मृत्यु – 09:14 ए एम तक
- कुम्भ चक्र पूर्व – 12:52 ए एम, फरवरी 03 तक
- शिववास क्रीड़ा में – 09:14 ए एम तक दक्षिण
- कैलाश पर – 06:52 ए एम, फरवरी 03 तक
- नन्दी पर


