Agra Taj Mahal : आगरा के ताजमहल में एक बार फिर विवाद छिड़ गया, जब हिन्दूवादी संगठन की कार्यकर्ता मीरा राठौर ने ताजमहल परिसर में शिवलिंग रखकर गंगाजल चढ़ाया। महिला ने इस दौरान वीडियो भी बनाया, जिसमें वह ताजमहल के भीतर शिवलिंग रखकर गंगाजल चढ़ाते हुए और धूपबत्ती से पूजा अर्चना करते हुए दिख रही हैं। मीरा ने इस दौरान ताजमहल को “तेजोमहालय” बताते हुए दावा किया कि उसने इसे शुद्ध किया है क्योंकि इस स्थल को दूसरे समुदाय के लोगों ने अशुद्ध कर दिया था।
मीरा राठौर का बयान और दावा
मीरा राठौर, जो अखिल भारत हिंदू महासभा की महिला मोर्चा की अध्यक्ष हैं, महाशिवरात्रि के मौके पर ताजमहल के अंदर शिवलिंग ले गईं। साथ ही वह संगम से लाया गंगाजल भी अपने साथ लेकर आईं। ताजमहल परिसर में पहुंचकर उन्होंने ‘हर-हर महादेव’ के नारे लगाए और भगवान शिव की पूजा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह गंगाजल संगम प्रयागराज से लेकर आई हैं, और उसी जल से ताजमहल परिसर में भगवान शिव की पूजा की। उनका कहना था कि यह स्थल पहले अशुद्ध था, क्योंकि यहां चादर चढ़ाई गई थी और बिरयानी बांटी गई थी, इसलिए उसने इस स्थान को शुद्ध किया है।
वीडियो वायरल और सोशल मीडिया पर चर्चा
मीरा राठौर द्वारा ताजमहल में शिवलिंग रखकर जल चढ़ाने की पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मीरा राठौर ने बताया कि उन्होंने संगम से जल लेकर भगवान शिव को स्नान कराकर ताजमहल में पूजा की। उनका कहना था कि इस जगह को पहले चादर चढ़ाने और बिरयानी बांटने से अशुद्ध किया गया था, और अब उसने इसे शुद्ध कर दिया है। मीरा ने यह भी कहा कि महाशिवरात्रि के खास मौके पर उन्होंने ताजमहल में भगवान शिव की पूजा की है।
तेजोमहालय का विवादित नामकरण
यह घटना उस विवाद का हिस्सा है, जिसमें हिन्दूवादी संगठनों का दावा है कि ताजमहल वास्तव में भगवान शिव का मंदिर है, जिसे “तेजोमहालय” कहा जाता है। इन संगठनों का कहना है कि ताजमहल एक हिन्दू मंदिर था, जिसे बाद में मुगलों ने मस्जिद के रूप में बदल दिया। समय-समय पर इन संगठनों ने ताजमहल का नाम बदलने और इसे मंदिर घोषित करने की भी मांग उठाई है।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया और राजनीतिक संदर्भ
ताजमहल में इस तरह की घटनाओं को लेकर कई तरह की प्रतिक्रिया आ रही हैं। एक ओर जहां हिन्दूवादी संगठन इसे ऐतिहासिक स्थानों के हिन्दू पहचान को पुनर्स्थापित करने की दिशा में कदम मानते हैं, वहीं दूसरी ओर इस घटना से राजनीतिक और सांप्रदायिक माहौल और भी गर्मा सकता है।


