Etawah News: इटावा में यादव कथा वाचकों के साथ हुई मारपीट के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। जहां एक ओर चार लोगों को कथावाचकों के साथ मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, वहीं अब पुलिस ने कथावाचक मणि मुकुट यादव और उनके सहयोगी संत कुमार यादव के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई परीक्षित परिवार और महिला रेनू तिवारी के पति की शिकायत के बाद की गई है।
धोखाधड़ी और फर्जी आधार कार्ड के आरोप
पुलिस ने मणि मुकुट यादव और संत कुमार यादव पर फर्जी आधार कार्ड बनाने, धोखाधड़ी करने और असली पहचान छिपाने जैसे गंभीर आरोपों में केस दर्ज किया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 318(4), 319(2), 336(3), 338, और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
रेनू तिवारी ने लगाए थे छेड़खानी के आरोप
इससे पहले परीक्षित परिवार की सदस्य रेनू तिवारी ने कथावाचक और उनके सहयोगी पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि कथा के पहले दिन जब वे भोजन परोस रही थीं, तभी मणि मुकुट यादव ने उनकी उंगली पकड़ने की कोशिश की और बदतमीजी की। इस घटना के बाद परिवार की ओर से धार्मिक भावनाओं को आहत करने और धोखाधड़ी के आरोप भी लगाए गए।
फर्जी पहचान और आस्था से खिलवाड़ का आरोप
परीक्षित परिवार का कहना है कि कथावाचकों ने अपनी असली जाति और नाम छिपाकर परिवार को धोखे में रखा। उन्होंने कथित तौर पर आधार कार्ड में झूठी जानकारी देकर कथा आयोजन में भाग लिया। परिवार का आरोप है कि इससे उनकी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची है।
सियासी हलचल तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। एक ओर कथावाचकों के साथ मारपीट करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, वहीं अब कथावाचकों पर लगे गंभीर आरोपों ने मामले को और पेचीदा बना दिया है।
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है और केस की तफ्तीश जारी है। यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में इस मामले में और क्या खुलासे होते हैं और इसका राजनीतिक और सामाजिक असर क्या पड़ता है।
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