Gyanesh Kumar : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सोमवार को हुई बैठक में ज्ञानेश कुमार को देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया। वे मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की जगह लेंगे। इसके साथ ही हरियाणा के मुख्य सचिव विवेक जोशी को चुनाव आयुक्त बनाया गया है। पहले से नियुक्त चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू अपने पद पर बने रहेंगे। इस बदलाव के साथ यह सवाल उठता है कि नए मुख्य चुनाव आयुक्त की राह कितनी मुश्किल और आसान रहने वाली है?
ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल और चुनौतियां
ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल 26 जनवरी 2029 तक रहेगा, और उनके सामने कई महत्वपूर्ण चुनावों की जिम्मेदारी होगी। उनका कार्यकाल एक महत्वपूर्ण समय पर आ रहा है, क्योंकि आगामी विधानसभा चुनावों और राष्ट्रीय चुनावों की पूरी प्रक्रिया उनकी देखरेख में होगी।
उनकी पहली परीक्षा बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान होगी, जो इस साल के अंत तक होंगे। इसके बाद, उनके चार साल के कार्यकाल में 22 राज्यों में विधानसभा चुनाव कराना होगा, जो एक बड़ा और चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसके साथ ही राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव भी उनके कार्यकाल के दौरान होंगे जो 2027 में होंगे।
राज्य विधानसभा चुनावों का दायित्व
ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद उनके सामने विभिन्न राज्यों में चुनाव कराने की जिम्मेदारी होगी। उनका कार्यकाल 2029 तक रहेगा और इस दौरान वह कई राज्यों में विधानसभा चुनाव कराएंगे।
- 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव।
- 2026 में केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और असम में विधानसभा चुनाव होंगे।
- 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, पंजाब, गोवा, हिमाचल प्रदेश और मणिपुर में चुनाव होंगे।
- 2028 में मेघालय, नागालैंड, तेलंगाना, त्रिपुरा और कर्नाटक में चुनाव होंगे।
- 2029 में मध्य प्रदेश, मिजोरम, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में विधानसभा चुनाव होंगे।
इसके अलावा वे राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव की भी जिम्मेदारी संभालेंगे, जो अगस्त 2027 तक आयोजित होने हैं।
राज्यसभा और अन्य चुनावों की जिम्मेदारी
ज्ञानेश कुमार को न केवल विधानसभा चुनावों की जिम्मेदारी निभानी होगी, बल्कि उन्हें राज्यसभा चुनावों का भी संचालन करना होगा। अगले चार साल में यूपी समेत कई राज्यों में राज्यसभा चुनाव होंगे, जिनकी जिम्मेदारी उनके पास होगी।
इसके साथ ही मुंबई के बीएमसी, महाराष्ट्र के निकाय चुनाव और हैदराबाद नगर निगम चुनाव भी उनके कार्यकाल में होंगे।
65 वर्ष की उम्र में रिटायरमेंट
ज्ञानेश कुमार का जन्म 27 जनवरी 1964 को हुआ था, जिससे उनके कार्यकाल की अवधि 26 जनवरी 2029 तक निर्धारित है। मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल छह साल या 65 वर्ष की आयु तक होता है और ज्ञानेश कुमार की उम्र 65 वर्ष 26 जनवरी 2029 को पूरी हो जाएगी। इस तरह वह 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले रिटायर हो जाएंगे और उनके रिटायरमेंट के बाद चुनाव आयोग 2029 के लोकसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर सकता है।
नए मुख्य चुनाव आयुक्त के लिए राह आसान नहीं
ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल कई बड़े और चुनौतीपूर्ण चुनावों के बीच रहेगा। उन्हें न केवल विधानसभा चुनावों का संचालन करना होगा, बल्कि देश के सबसे महत्वपूर्ण चुनावों की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर होगी। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि वह इस चुनौती को कैसे संभालते हैं और चुनावों की निष्पक्षता और पारदर्शिता को सुनिश्चित करते हैं।
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