Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक बार फिर बादल फटने से भारी तबाही मची है। चौहारघाटी के सिल्हबुधानी के कोरतंग क्षेत्र में देर रात बादल फटने की घटना सामने आई है, जिसमें भारी नुकसान हुआ है। राहत की बात यह है कि इस बार जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। इससे पहले सोमवार की रात भी मंडी जिले में कई स्थानों पर बादल फटने से तबाही मची थी।
इधर, मौसम विभाग ने रविवार को एक बार फिर भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मंडी, कांगड़ा और सिरमौर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कुल्लू, शिमला और सोलन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका भी जताई गई है।
भारी बारिश और अलर्ट का सिलसिला जारी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 7 और 8 जुलाई को पूरे प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट रहेगा जबकि 9 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार को कांगड़ा सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
दो शव मिले, अब तक 72 मौतें
बारिश के बीच नादौन और कांगड़ा में दो शव मिलने की सूचना है। नादौन के बटाली क्षेत्र में ब्यास नदी किनारे मिले शव की पहचान मंडी जिले के सैंज निवासी 30 वर्षीय इंद्रदेव के रूप में हुई है। एक अन्य शव की शिनाख्त के बाद मंडी जिले में आपदा से मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। प्रदेश में अब तक मानसून सीजन में कुल 72 लोगों की जान जा चुकी है।
हवाई सेवाएं बाधित, 239 सड़कें बंद
भारी बारिश के चलते शनिवार को दिल्ली और चंडीगढ़ से गगल एयरपोर्ट तक की चारों फ्लाइटें रद्द करनी पड़ीं। इसमें इंडिगो और स्पाइसजेट की दो-दो उड़ानें शामिल थीं। वहीं, बारिश और भूस्खलन की वजह से प्रदेश में 239 सड़कें अभी भी बंद हैं। इसके अलावा 258 ट्रांसफॉर्मर और 289 पेयजल योजनाएं ठप हैं। अकेले मंडी जिले में 176 सड़कें अवरुद्ध हैं, जिनमें सराज क्षेत्र की 85 सड़कें शामिल हैं।
सरकार की तैयारी और राहत कार्य
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को शिमला में मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि मंडी जिले में आपदा प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता दी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है, और कई स्थानों पर खच्चरों के माध्यम से जरूरी सामान भेजा जा रहा है।
सरकार ने प्रभावित परिवारों को हर महीने ₹5,000 मासिक किराया देने का निर्णय भी लिया है। सीएम ने सराज क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि जिनके मकान सुरक्षित हैं, वे अतिरिक्त कमरों को किराए पर देकर जरूरतमंदों की मदद करें। मंडी जिले में अब तक 1,317 राहत किट बांटी जा चुकी हैं।
राहत-बचाव कार्यों में सेना और हेलिकॉप्टर तैनात
सराज, थुनाग और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। करीब 250 जवान राहत कार्य में लगाए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में हेलिकॉप्टरों से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। थुनाग में दूरसंचार सेवाएं बहाल हो चुकी हैं और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी शुरू हो गई है।
गर्भवती महिलाओं को पालकी और गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल
राहत कार्यों के बीच मानवता की मिसाल भी देखने को मिली जब जंजैहली क्षेत्र की दो गर्भवती महिलाओं को पैदल, पालकी और गाड़ी के जरिए आठ से दस किलोमीटर की कठिन यात्रा के बाद करसोग अस्पताल पहुंचाया गया।
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