Ayodhya News : 22 जनवरी को अयोध्या (Ayodhya) में नवनिर्मित राम मंदिर में भगवान राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी चल रही है, विभिन्न संगठनों ने इस कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। विहिप ने मूर्ति प्रतिष्ठा से पहले ‘राष्ट्रीय महाअक्षत अभियान’ शुरू किया है।
‘पूजित अक्षत’ – पवित्र चावल – भगवान राम की छवि और एक पुस्तिका शामिल है, के निमंत्रण वितरित किए जा रहे हैं। पैम्फलेट में विशेष रूप से लोगों से अपील की गई है कि वे अभिषेक के दिन अयोध्या न आएं। यह प्राण प्रतिष्ठा के दिन की जाने वाली गतिविधियों के बारे में जानकारी प्रदान करता है, जिसमें सुझाव दिया गया है कि व्यक्ति स्थानीय मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित करें और घर पर दिवाली मनाएं।
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अभियान की शुरुआत दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश कॉलोनी में आर्य समाज मंदिर में हवन के साथ हुई। अभियान के तहत आरएसएस और वीएचपी कार्यकर्ता लोगों को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित करने के लिए पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी लोगों से उस दिन दिवाली मनाने का आग्रह किया है।
15 दिनों तक चलेगा निमंत्रण अभियान
निमंत्रण अभियान 1 जनवरी से शुरू होकर 15 दिनों तक चलेगा, जिसमें राजधानी के विभिन्न इलाके शामिल होंगे। 15 जनवरी को आमंत्रण एवं संपर्क अभियान पूरा होने के बाद 18 से 21 जनवरी तक कार्यकर्ता प्रभातफेरी निकाल कर जनजागरण करेंगे।
देश भर में पूजित अक्षत वितरित करने की जिम्मेदारी आरएसएस और वीएचपी कार्यकर्ताओं पर है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के लिए समर्पित टीमें बनाई गई हैं। भगवान राम की तस्वीर और नए राम मंदिर के चित्रण के साथ पवित्र चावल को विभिन्न राज्यों में ले जाया जाएगा और फिर विभिन्न जिलों में वितरित किया जाएगा। मंदिर निर्माण की जानकारी भी साझा की जाएगी।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह को देश भर के मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर शंख, घंटियों की ध्वनि और प्रसाद (धार्मिक प्रसाद) के वितरण के साथ लाइव-स्ट्रीम किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि आयोजन के दौरान भगवा झंडे घरों पर सुशोभित रहें। आरएसएस नेतृत्व ने अधिकारियों से पूरे समाज को एकजुट करने के लिए संपर्क अभियान के दौरान मंदिर समितियों और पुजारियों से जुड़ने का आग्रह किया है।


