Bangladesh Crisis : बांग्लादेश में व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देकर देश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा और वे भारत पहुंच गई हैं। फिलहाल हसीना गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस में एक सुरक्षित घर में रह रही हैं, जहां वे पिछले 16 घंटों से हैं। उनके पहुंचने के बाद बांग्लादेश की स्थिति को लेकर भारत में क्रॉस-पार्टी मीटिंग हुई। मीटिंग के बाद बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की नेता मायावती ने इस मुद्दे से निपटने के लिए केंद्र सरकार के तरीके का समर्थन किया।
मायावती ने मोदी सरकार का किया समर्थन
मायावती ने बांग्लादेश में तेजी से बदलते राजनीतिक हालात के मद्देनजर क्रॉस-पार्टी मीटिंग के महत्व पर जोर देने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) का सहारा लिया। उन्होंने कहा, “हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश में तेजी से बदलते राजनीतिक हालात को देखते हुए आज की क्रॉस-पार्टी मीटिंग बेहद महत्वपूर्ण थी। सभी दलों के लिए सरकार के फैसलों के साथ खड़ा होना उचित और जरूरी है। बीएसपी भी इस मामले में केंद्र सरकार के कदमों का समर्थन करती है।” हसीना अपने पद से इस्तीफा देने और बांग्लादेश छोड़ने के कुछ ही समय बाद सोमवार शाम को गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पहुंचीं। हालांकि, उनका विमान मंगलवार को एयरबेस से रवाना हुआ और वे उसमें सवार नहीं थीं। फिलहाल इस बात पर कोई फैसला नहीं हुआ है कि वे भारत में रहेंगी या किसी दूसरे देश में राजनीतिक शरण लेंगी।
बांग्लादेश की स्थिति पर सरकार का रुख
भारत सरकार ने बांग्लादेश की स्थिति पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को एक क्रॉस-पार्टी मीटिंग बुलाई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारत सरकार घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रख रही है और ज़रूरत पड़ने पर अपडेट देगी। उन्होंने कहा कि लगभग 12,000 से 13,000 भारतीय इस समय बांग्लादेश में हैं और स्थिति इतनी गंभीर नहीं है कि उन्हें निकाला जाए। शेख हसीना भारत में रहेंगी या कहीं और शरण लेंगी, इस पर फैसला अभी लंबित है।


