CM Yogi News : महाकुंभ 2025 का आयोजन अब समाप्त हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इसे लेकर विवाद जारी है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर महाकुंभ को ‘मृत्यु कुंभ’ कहे जाने को लेकर तीखा हमला बोला। रविवार को गोरखपुर में गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथग्रहण समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा, “जो लोग होली के दौरान उपद्रव को नियंत्रित करने में नाकाम रहे, उन्होंने प्रयागराज के महाकुंभ को मृत्यु कुंभ कहा था।”
मुख्यमंत्री योगी ने महाकुंभ की सफलता को लेकर ममता बनर्जी और उनके राज्य पश्चिम बंगाल पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बार महाकुंभ में तमिलनाडु और केरल से भी लोग आए थे। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश की आबादी करीब 25 करोड़ है और होली शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई, लेकिन पश्चिम बंगाल में होली के दौरान कई जगह उपद्रव हुए। जो लोग होली के दौरान उपद्रव को कंट्रोल करने में नाकाम साबित हुए हैं, उन्होंने प्रयागराज के महाकुंभ को मृत्यु कुंभ कहा था।”
पश्चिम बंगाल में होली के दौरान हुई हिंसा
इस बीच, पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां होली के दौरान हुई मारपीट में 20 साल के एक युवक की हत्या कर दी गई। टीटागढ़ में अपने घर के पास दोस्तों के साथ होली खेल रहे आकाश चौधरी उर्फ अमर पर तीन-चार हमलावरों ने चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
महाकुंभ को लेकर ममता बनर्जी का बयान
महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में 29 जनवरी की रात हुई भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद ममता बनर्जी ने महाकुंभ को ‘मृत्यु कुंभ’ कहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि भगदड़ की घटनाओं के बाद अधिकारियों ने मौतों के वास्तविक आंकड़े दबा दिए थे। ममता ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपने भाषण में कहा था कि भाजपा शासन के तहत महाकुंभ ‘मृत्यु कुंभ’ में बदल गया है। उनके अनुसार, अधिकारियों ने सैकड़ों शवों को छिपा दिया और मौतों के आंकड़े कम किए।
योगी आदित्यनाथ का पलटवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने ममता बनर्जी के आरोपों का सख्त जवाब देते हुए कहा कि महाकुंभ में पश्चिम बंगाल से रोजाना 50 हजार से लेकर 1 लाख लोग शामिल हुए थे, और यह आयोजन ‘मृत्यु’ नहीं बल्कि ‘मृत्युंजय’ है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने महाकुंभ में विभिन्न राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया था और यदि संभव हुआ तो प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई थी।


