प्रदेश की सरकारें स्वछता और स्वास्थ को लेकर रोज नई योजनाएं बना रही है शहरों से लेकर गाँव तक समय समय पर स्वछता अभियान चलाये जा रहे है संचारी और संक्रांमक रोगों की रोकथाम के लिए जतन किये जा रहे है, वही दूसरी तरफ बागपत के एक गाँव मे जलभराव के चलते गांव की छः हज़ार आबादी दोहरे संकट मे फंस गयी हैं
आपको बता दें कि छपरोली विकास खंड के गाँव सिलाना मे पिछले छः माह से जलभराव कारण लोगो का आना जाना तो दुर्भर हो ही गया है वही इस जलभराव के चलते लोगो के घरों मे दरारे भी आनी शुरू हो गयी हैं
सिलाना गाँव के निवासियों की समस्या इतने पर ही नही रुकी
शिक्षा ग्रहण करने जाने वाले नौनिहालों को इस जलभराव के दूषित पानी से निकलने के चलते संक्रामक रोग अपनी अपनी चपेट मे लेने लगे हैं। वही गाँव की मस्जिद भी इस जलभराव से अछूति नही रही है नमाज़ अदा करने वाले अकिदतमन्दो को इसी पानी से गुजर कर इबादत करने को मजबूर होना पड़ रहा है। नमाज़ी इस जलभराव के कारण एक जोड़ी पहनावा अतिरिक्त ले कर नमाज अदा करने आते है।
इसके अलावा छः माह से हुए जलभराव के कारण दर्जनों मकानों मे दरार आ गयी है।
ऐसे मे दर्जनों परिवार दहशत मे गुजर करने पर मजबूर हैं।
दूषित जल मे आवागमन के कारण अधिकांश ग्रामीण चर्म रोगों की चपेट मे आ रहे है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण गाँव पर अनेक संकट आन खड़े हुए है।
यदि जल्द ही इस समस्या से छुटकारा नही मिला तो गाँव मे महामारी फैलने का अंदेशा है। गाँव वाले ना तो अपने बच्चो को स्कूल भेज पा रहे है और मकानों मे आई दरारों के कारण खुद की और अपने बच्चो सुरक्षा को लेकर भी दहशतजदा हैं।ग्राम प्रधान आनंद सिंह का कहना है कि जलभराव की समस्या का मुख्य कारण जल निकासी का नही होना है और इस बाबत वह आधिकारियों को कई बार अवगत करा चुके है। लेकिन गाँव वालो को अभी तक कोई राहत नही मिली है।


