Ghazipur News : गाजीपुर जिले के जमानिया तहसील के रघुनाथपुर ग्राम में भू-माफिया की बढ़ती हिम्मत और प्रशासन की नाकामी ने सरकारी जमीन पर कब्जे की समस्या को गंभीर बना दिया है। यहां करीब 700 बीघा सरकारी भूमि पर 61 लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है, जिसके खिलाफ कई बार शिकायतें और आदेश जारी किए गए हैं। इसके बावजूद प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस मामले में हाई कोर्ट के आदेश और जुर्माने के बावजूद कब्जाधारियों पर कोई असर नहीं पड़ा है।
कब्जे का मामला और प्रशासन की निष्क्रियता
रघुनाथपुर गांव के अंतर्गत जीवपुर दियारा क्षेत्र में पिछले एक दशक से अधिक समय से गंगा किनारे की 700 बीघा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। यह कब्जा गंगा के दोनों किनारों पर फैला हुआ है, और इसके खिलाफ गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दयाराम दास समेत अन्य गांववासियों ने तहसील प्रशासन और हाई कोर्ट में शिकायत की थी।
शिकायत के बाद हाई कोर्ट ने 2022 में प्रशासन को आदेश दिया था कि इस कब्जे को 90 दिनों के भीतर हटाया जाए। इसके बाद जमानिया तहसील ने इन 61 लोगों के खिलाफ बेदखली का आदेश जारी किया था और साथ ही इन पर करीब 70 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। लेकिन, फिलहाल कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, और न ही कब्जा हटाने के लिए प्रशासन ने कोई कदम उठाया है।
जुर्माना और आरसी की कार्रवाई भी ठप
इतना ही नहीं, जमानिया तहसील ने इन 61 कब्जाधारियों के खिलाफ जुर्माने की वसूली के लिए आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) भी जारी कर दिया था, लेकिन अब तक जुर्माना वसूली की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। अधिकारियों के मुताबिक, न तो कब्जे को हटाया गया है और न ही जुर्माने की वसूली की कोई कार्रवाई की गई है।
हाई कोर्ट का हस्तक्षेप
इस पूरे मामले में जब प्रशासन ने कब्जे को हटाने के लिए पुलिस फोर्स की मांग की, तब अवैध कब्जाधारियों को इस बात की जानकारी मिली कि प्रशासन कभी भी उनके कब्जे वाली जमीन पर बुलडोजर चला सकता है। इसके बाद सभी कब्जाधारी हाई कोर्ट चले गए, और हाई कोर्ट ने जमानिया प्रशासन से इस मामले पर जवाब मांगा। अब प्रशासन को हाई कोर्ट में जवाब दाखिल करना होगा और उसके बाद ही यह मामला आगे बढ़ेगा।
एसडीएम का बयान
इस संबंध में जमानिया के एसडीएम अभिषेक राय ने कहा, “अवैध कब्जा हटाने के लिए प्रशासन ने पुलिस फोर्स की मांग की थी, (Ghazipur News) लेकिन कब्जाधारी हाई कोर्ट चले गए और हाई कोर्ट ने हमसे इस मामले पर जवाब मांगा है। हम अब इस मामले में हाई कोर्ट में जवाब दाखिल करेंगे और उसके बाद जो भी आदेश होगा, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।”


