Inspector Sunil Kumar : 20 जनवरी की रात को शामली जिले में कग्गा गैंग के बदमाशों और एसटीएफ के बीच हुई मुठभेड़ में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुनील कुमार को गुरुवार सुबह पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर एडीजी ध्रुवकांत ठाकुर, पुलिस अफसरों और मेरठ के डीएम समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। श्रद्धांजलि समारोह के दौरान हर किसी की आंखें भर आईं।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मुठभेड़ के दौरान पेट में तीन गोलियां लगी थीं, जिसके बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, ऑपरेशन के बावजूद उनका एक गोली पेट में ही फंसा रहा। स्थिति बिगड़ने के बाद बुधवार को करीब 2:40 बजे उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।
मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ ने कग्गा गैंग के सरगना अरशद समेत चार बदमाशों को मार गिराया था। लेकिन, अफसोस की बात यह रही कि सुनील कुमार की हालत गंभीर बनी रही और उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद उनका शव बुधवार रात को मेरठ लाया गया, जहां उसे जसवंत राय अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया।
गुरुवार सुबह 9 बजे इंस्पेक्टर सुनील कुमार का पार्थिव शरीर पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में लाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों और परिजनों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उनके परिवार के सदस्य खासकर उनका बेटा मनजीत और गांववाले भी उपस्थित रहे। जैसे ही परिवार ने अपने प्रिय सदस्य का शव देखा, उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। एसटीएफ टीम के अन्य सदस्य भी इस दुखद घटना पर ग़मगीन नजर आए।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार के पार्थिव शरीर को फूलों से सजी गाड़ी में रखा गया। पुलिस अफसर और परिवार के सदस्य इस गाड़ी के साथ शहीद इंस्पेक्टर के गांव मसूरी (इंचौली थानाक्षेत्र) के लिए रवाना हुए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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