Lucknow News : ई-रिक्शा आजकल लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। यह एक ऐसा साधन है जो न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि यात्रियों के लिए समय की बचत और आरामदायक सफर भी सुनिश्चित करता है। लेकिन अब उत्तर प्रदेश सरकार ने राजधानी लखनऊ में ई-रिक्शा का किराया बढ़ाकर लोगों की जेब पर बोझ डाल दिया है। पहले प्रति किलोमीटर ई-रिक्शा का किराया 5 रुपये था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 8.30 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है।
ई-रिक्शा का इस्तेमाल मुख्यतः सस्ती और बेहतर परिवहन सुविधा के तौर पर किया जाता है। लेकिन अब इस किराए में बढ़ोतरी से यात्रियों के लिए ई-रिक्शा में सफर करना पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। इस फैसले का सीधा असर लखनऊ के आम लोगों की रोज़मर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा।
किराए में वृद्धि का कारण
उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की, जिसमें ई-रिक्शा का किराया बढ़ाने की जानकारी दी गई। प्रमुख सचिव एल वेंकटेश्वर लू ने इस बढ़े हुए किराए के बारे में बताया और कहा कि यह निर्णय मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 67 के तहत लिया गया है। अब ई-रिक्शा का अधिकतम किराया 8.30 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है, जो पहले 5 रुपये था।
इस निर्णय से जहां एक ओर रिक्शा चालकों के लिए राहत की खबर है, वहीं दूसरी ओर आम यात्रियों के लिए इसका असर नकारात्मक हो सकता है। विशेष रूप से लखनऊ में रहने वाले लोग अब पहले से अधिक खर्च करने को मजबूर होंगे।
पंजीकरण की स्थिति
अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि मार्च 2024 तक उत्तर प्रदेश में करीब पौने छह लाख ई-रिक्शा पंजीकृत हो चुके थे, और इस संख्या में अभी और बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि, (Lucknow News) राज्य में कई रिक्शे बिना पंजीकरण के भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिनकी निगरानी जरूरी है।
सरकार की ओर से नई व्यवस्था
इस फैसले के बाद, रिक्शा चालकों के लिए जहां कुछ राहत है, वहीं यात्रियों को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ेगा। सरकार ने इसे लागू करते हुए परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस आदेश को पूरी तरह से लागू करें और पंजीकरण प्रक्रिया को कड़ा बनाएं।


