Maha Kumbh 2025 : महाकुंभ की भूमि पर वक्फ बोर्ड का दावा करने वाले मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी को अखाड़ा परिषद और हिन्दू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। स्वामी चक्रपाणि ने मौलाना के बयान को नकारते हुए उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने प्रयागराज की उस जमीन को वक्फ बोर्ड की बताकर विवाद खड़ा किया था, जिस पर महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि हिन्दू संतों और धर्म गुरुओं द्वारा मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने का जो कदम उठाया गया है, उसे बड़े दिल से नकारा जाना चाहिए।
स्वामी चक्रपाणि ने मौलाना के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, “मौलाना शहाबुद्दीन और कुछ कट्टरपंथी महाकुंभ की भूमि को वक्फ बोर्ड की बता रहे हैं। यह निश्चित रूप से पाकिस्तान प्रायोजित है और आतंकी सोच रखने वाले लोगों द्वारा इसे प्रायोजित किया जा रहा है। मौलाना के बयान की जांच होनी चाहिए, क्योंकि इस प्रकार के बयान महाकुंभ जैसे पवित्र आयोजन में खलल डालने का कुत्सित प्रयास हैं। यह आयोजन दुनिया भर के सनातन धर्मियों के लिए एक परम पवित्र अवसर है।” स्वामी चक्रपाणि ने यह भी कहा कि इस तरह के बयान देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
‘Maha Kumbh को विवादित बनाने के लिए साजिश कर रहे हैं’ – स्वामी चक्रपाणि
स्वामी चक्रपाणि ने आगे कहा, “यह लोग महाकुंभ को विवादित बनाने के लिए साजिश कर रहे हैं। महाकुंभ वह स्थान है जहां ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘सर्वे भवंतु सुखिना’ जैसी शुभकामनाएं दी जाती हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग अपने कट्टरपंथी मंसूबों को साबित करने के लिए महाकुंभ की भूमि को भी वक्फ बोर्ड की बता रहे हैं। इन पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए और इन्हें सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए, ताकि देश का माहौल खराब करने वालों को रोका जा सके।”
इससे पहले, प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ को लेकर आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने एक विवादित बयान दिया था। मौलाना ने मीडिया को जारी किए गए बयान में कहा था, “प्रयागराज के निवासी सरताज ने दावा किया है कि कुंभ के मेले की तैयारियां जिस जमीन पर की जा रही हैं, वह वक्फ बोर्ड की है। यह जमीन लगभग 54 बीघा है। मुसलमानों ने बड़ा दिल दिखाते हुए इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। कुंभ मेले के सारे इंतजाम इसी वक्फ बोर्ड की जमीन पर हो रहे हैं। मगर दूसरी ओर अखाड़ा परिषद और अन्य बाबाओं ने मुसलमानों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। यह तंग नजरियां छोड़नी चाहिए और मुसलमानों की तरह बड़ा दिल दिखाना होगा।”
ये भी देखें : BJP और AAP में नहीं कोई अंतर…RSS दोनों की मां है, बोले AIMIM Chief Asaduddin Owaisi


