Mahakumbh Stampede : प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान बुधवार को उस वक्त बड़ा हादसा हो गया, जब मौनी अमावस्या के दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ संगम में स्नान के लिए पहुंची थी। रात के समय संगम नोज पर भगदड़ मचने से 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। इस घटना ने प्रशासन और श्रद्धालुओं दोनों को चौंका दिया और सवाल उठने लगे कि संगम नोज क्या है और यहां पर इतनी भारी भीड़ क्यों जुटती है।
संगम नोज क्या है?
संगम नोज का नाम इस स्थान के आकार के कारण पड़ा है। यह स्थान प्रयागराज के संगम क्षेत्र में स्थित है, जहां पर यमुना, गंगा और सरस्वती (मिथकीय नदी) का मिलन होता है। यह स्थान धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक महत्व रखता है और यहीं पर अधिकांश साधु-संत और श्रद्धालु स्नान करने आते हैं। संगम नोज को महाकुंभ के दौरान स्नान के लिए सबसे प्रमुख स्थल माना जाता है और यहीं पर अधिकतर श्रद्धालु स्नान करना पसंद करते हैं।
संगम नोज का महत्व और बढ़ती भीड़
प्रत्येक महाकुंभ के दौरान संगम नोज के क्षेत्र को बढ़ाया जाता है। 2019 की तुलना में इस बार भीड़ के बढ़ते दबाव को देखते हुए संगम नोज के क्षेत्र को और विस्तारित किया गया था। जानकारी के अनुसार, पहले यहां एक घंटे में 50 हजार लोग स्नान कर सकते थे, लेकिन इस बार हर घंटे दो लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने की व्यवस्था की गई थी। बावजूद इसके, भारी भीड़ को संभालना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया, और अंततः यह भगदड़ की स्थिति में बदल गया।
भगदड़ और प्रशासन की अपील
संगम नोज पर भगदड़ मचने के बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक भारी संख्या में लोग संगम नोज पर पहुंचने के प्रयास में थे, जिसके कारण भीड़ बेकाबू हो गई। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और स्थिति को संभालते हुए विभिन्न रास्तों को खोलकर श्रद्धालुओं को डायवर्ट किया। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति नियंत्रण में आई।
इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई साधु-संतों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे संगम नोज पर जाने से बचें और जिस घाट के पास वे मौजूद हैं, वहीं स्नान करें। सीएम योगी ने कहा “जो श्रद्धालु मां गंगा के जिस घाट के पास हैं, वहीं स्नान करें और संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें।”
सीएम योगी की अपील
सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा “स्नान के लिए कई घाट बनाए गए हैं और कहीं भी स्नान किया जा सकता है। प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। व्यवस्था बनाने में प्रशासन का सहयोग करें।”
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