Meerut News : यूपी के ऊर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के खिलाफ विनायक कॉलोनी मोदीपुरम के निवासियों ने मोर्चा खोल दिया है। विधायक सोमेंद्र तोमर पर आरोप है कि उन्होंने कॉलोनी का रास्ता कब्जा कर लिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंत्री अपनी शक्ति का गलत उपयोग कर रहे हैं, जिससे उनके खरीदे गए प्लॉट तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया है। उन्हें न्याय दिलाने की मांग है। आज मेरठ कमिश्नरी पहुंचे लोगों ने जोरदार नारेबाजी की और भाजपा विधायक सोमेंद्र तोमर को चोर बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
महिलाओं ने किया जोरदार हंगामा
मेरठ कमिश्नरी पर विनायक कॉलोनी मोदीपुरम के कई लोग इकट्ठा हुए थे, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। महिलाएं तख्तियों के साथ थीं, जिन पर प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी के पोस्टर लगे थे। उन पर स्लोगन लिखे थे, जैसे “हमें मंत्री से बचाओ, हमें मंत्री सोमेंद्र तोमर से बचाओ।” महिलाओं ने जोरदार हंगामा और नारेबाजी करते हुए कहा कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगी। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनके खून-पसीने की मेहनत पर मंत्री की वजह से संकट आ गया है, और प्रशासन से कोई सुनवाई नहीं हो रही।
“बांग्लादेशी हिंदुओं को बचाने वालों, मेरठ के हिंदुओं को कब बचाओगे?”
जब लोग कमिश्नरी पर धरना दे रहे थे, तब महिलाओं ने तख्तियों पर बांग्लादेश का जिक्र करते हुए भी स्लोगन लिखे थे। उन पर लिखा था, “बांग्लादेशी हिंदुओं को बचाने वालों, मेरठ के हिंदुओं को कब बचाओगे?” (Meerut News) यह पोस्टर काफी चर्चा का विषय बन गया। प्रदर्शनकारी महिलाओं अंजू, पिंकी और नवीन त्यागी ने आरोप लगाया कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है, और मजबूरन उन्हें प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्हें इंसाफ चाहिए और इसके लिए वे कहीं भी जाने को तैयार हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कमिश्नर को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि 2006 में संजीव तोमर से प्लॉट खरीदे गए थे, और सोमेंद्र तोमर ने उसी समय विनायक विद्यापीठ कॉलेज भी संजीव तोमर से खरीदा था। आरोप है कि मंत्री ने अपनी दबंगई के चलते रास्ता अवैध रूप से कब्जा लिया। लोगों ने बताया कि मंत्री ने उनके प्लॉट की बाउंड्री तोड़ दी और सड़क उखड़कर गेट भी लगा दिया, जिससे उन्हें 30 लाख का नुकसान हुआ।
डीएम और एसएसपी से शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं मिला। लोगों का कहना है कि उनके प्लॉट की तरफ जाने वाला रास्ता सिविल जज मेरठ ने 19 मई 2018 को स्वीकृत किया था, लेकिन मंत्री ने रास्ते पर कब्जा कर लिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। इस पूरे मामले पर मंत्री सोमेंद्र तोमर ने बोलने से इनकार कर दिया है।
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