Milkipur Bypoll News : लोकसभा चुनाव में फैजाबाद (अयोध्या) सीट जीतने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपनी सफलता का खूब प्रचार किया है। इस सीट पर अवधेश प्रसाद ने जीत दर्ज की थी, जो फैजाबाद के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी थे। उनकी जीत के बाद मिल्कीपुर सीट खाली हो गई और 9 अन्य निर्वाचन क्षेत्रों के साथ-साथ उपचुनाव भी होने हैं। सपा ने मिल्कीपुर सीट पर अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को मैदान में उतारा है, उन्हें उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले दलित वोट एक बार फिर जीत दिलाने में मदद करेंगे। हालांकि, ऐसा लगता है कि भीम आर्मी के प्रमुख और नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद इस सीट पर सपा की आसान जीत नहीं चाहते।
मिल्कीपुर उपचुनाव में चंद्रशेखर का कदम
चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए पार्टी प्रभारी नियुक्त किया है, जो पार्टी की सक्रिय भागीदारी का संकेत है। रणधीर भारती (कोरी) को इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार चित्तौड़ ने सभी पार्टी सदस्यों से रणधीर भारती को पूर्ण समर्पण के साथ समर्थन देने का आग्रह किया है, जिसमें शारीरिक, मानसिक और आर्थिक योगदान भी शामिल है। इससे पहले, आजाद समाज पार्टी ने चार अन्य निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रभारियों के नाम पहले ही घोषित कर दिए थे, जिससे उन्हें इन उपचुनावों के लिए प्रभावी रूप से उम्मीदवार बनाया जा सके।
मिल्कीपुर में भाजपा के प्रयास
लोकसभा चुनाव में फैजाबाद (अयोध्या) सीट हारने के बाद, मिल्कीपुर उपचुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए एक महत्वपूर्ण युद्धक्षेत्र बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सीट पर पार्टी के प्रयासों की कमान खुद संभाली है। पिछले एक महीने में, सीएम योगी पांच बार निर्वाचन क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में मिल्कीपुर में सपा के अवधेश प्रसाद ने भाजपा के बाबा गोरखनाथ को हराया था।
हाल ही में 2024 के आम चुनाव में फैजाबाद लोकसभा सीट पर अवधेश प्रसाद ने भाजपा के मौजूदा सांसद लल्लू सिंह को हराया था। अब सबकी निगाहें मिल्कीपुर उपचुनाव पर टिकी हैं। इस बीच अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद पर अपहरण, धमकी देने और मारपीट का आरोप लगने के बाद कानूनी मुश्किलें आ रही हैं। अवधेश प्रसाद और अजीत प्रसाद दोनों ने ही इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया है। फिर भी, यह मामला सपा की चुनावी रणनीति में मुश्किलें बढ़ा रहा है।
मिल्कीपुर के अलावा नौ अन्य सीटों पर भी उपचुनाव
उत्तर प्रदेश में अन्य उपचुनाव मिल्कीपुर के अलावा नौ अन्य सीटों पर भी उपचुनाव होंगे। इनमें से अधिकतर सीटें मौजूदा विधायकों के हालिया लोकसभा चुनाव में जीतने के कारण खाली हुई थीं, जबकि सीसामऊ विधानसभा सीट विधायक इरफान सोलंकी के अयोग्य घोषित होने के बाद खाली हुई थी। चुनाव की तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।
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