Noida News : ग्रेटर नोएडा के एडिशनल कोर्ट फर्स्ट के जज प्रदीप कुमार कंसल ने शुक्रवार को चेक बाउंस के मामले में आरोपी निपुण बंसल को दोषी करार देते हुए 1 करोड़ 80 लाख जुर्माना और एक साल की सजा सुनाई है। यह मामला 2012 में दिए गए करोड़ों रुपये के चेक के बाउंस होने से जुड़ा हुआ था, जिसके बाद पीड़ित ने कोर्ट में केस दर्ज कराया था। कोर्ट ने इस मामले में एक लंबी सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया है।
निपुण बंसल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला
शिकायतकर्ता प्रदीप सिंघल ने आरोप लगाया था कि निपुण बंसल की कंपनी सायरस इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड में 2012 में उन्होंने 2.35 करोड़ रुपये का निवेश किया था। दोनों के बीच एक डील हुई थी कि निवेश के बाद निपुण बंसल प्रदीप सिंघल को अपनी कंपनी में पार्टनर बनाएंगे। हालांकि, निपुण ने ऐसा नहीं किया और प्रदीप को कंपनी में भागीदार नहीं बनाया। इस धोखाधड़ी के बाद प्रदीप सिंघल ने नोएडा के सेक्टर-58 थाने में निपुण बंसल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया।
चेक बाउंस का मामला
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और सुनवाई के दौरान निपुण बंसल ने प्रदीप सिंघल को 2.15 करोड़ रुपये लौटाने का आश्वासन दिया। (Noida News) इस दौरान निपुण ने प्रदीप को एक करोड़ रुपये की पेमेंट भी की थी, लेकिन बाकी की राशि को चुकाने के लिए निपुण ने तीन चेक दिए थे। ये चेक जब बैंक में जमा किए गए, तो वे बाउंस हो गए। इसके बाद प्रदीप सिंघल ने चेक बाउंस का मामला दर्ज कराया और अदालत का रुख किया।
कोर्ट का फैसला
कोर्ट ने मामले की पूरी सुनवाई के बाद निपुण बंसल को दोषी ठहराते हुए उसे 1 करोड़ 80 लाख रुपये का जुर्माना और एक साल की सजा सुनाई। यह फैसला चेक बाउंस और निवेशकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि इस फैसले ने धोखाधड़ी और विश्वासघात के मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई का संदेश दिया है और यह निवेशकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम है।
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