Pratapgarh News : उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले का कुंडा इलाका एक बार फिर सियासी हलचल की वजह से चर्चा में है। जहां एक ओर इस क्षेत्र का नाम दशकों से बाहुबली नेता रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से जुड़ा रहा है, वहीं अब समाजवादी पार्टी के नेता गुलशन यादव (Gulshan Yadav) की मुश्किलें इसे एक नया मोड़ दे रही हैं।
सपा नेता और गैंगलीडर गुलशन यादव के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिलाधिकारी प्रतापगढ़ के आदेश पर गुलशन यादव की कुल 7 करोड़ 15 हजार 502 रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त कर ली गई है। इस कार्रवाई में पुलिस ने उनके लग्जरी वाहन और आवासीय जमीन को सील किया है।
मुनादी और ढोल नगाड़ों के साथ प्लाट पर चस्पा किया कुर्की का नोटिस
कार्रवाई के दौरान पुलिस प्रशासन ने गुलशन यादव के प्लाट पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया। साथ ही ढोल-नगाड़ों की आवाज के साथ इलाके में मुनादी भी कराई गई, ताकि आम जनता को जानकारी हो सके। यह पूरी प्रक्रिया उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा 14(1) के अंतर्गत की गई।
इस कार्रवाई का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक संजय राय ने किया। प्रतापगढ़ पुलिस लगातार गुलशन यादव के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और अब तक उनके खिलाफ कई मामलों में जांच और दंडात्मक कार्यवाही हो चुकी है।
राजा भैया के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं Gulshan Yadav
गौरतलब है कि गुलशन यादव कभी राजा भैया के बेहद करीबी माने जाते थे। लेकिन सियासी समीकरणों के बदलते दौर में उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया और वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में राजा भैया के खिलाफ कुंडा सीट से चुनाव लड़ा। हालांकि इस मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
गंभीर धाराओं में दर्ज हैं केस
गुलशन यादव का नाम आपराधिक मामलों में भी सामने आया है। उनके खिलाफ गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, हत्या का प्रयास, हत्या, लूट और डकैती जैसे कई संगीन मामलों में केस दर्ज हैं। यही वजह है कि प्रशासन उनके खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रहा है।
कुंडा की राजनीति में इस कार्रवाई को बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। जहां एक ओर बाहुबलियों का दबदबा लंबे समय से बना हुआ है, वहीं प्रशासन अब कानून के जरिए इन पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।


