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Sambhal Violence News : संभल जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा में तीन की मौत 20 घायल, इंटरनेट पर लगा प्रतिबंध

by | Nov 25, 2024 | अपना यूपी, बड़ी खबर, मुख्य खबरें

Sambhal Violence News : संभल जिले की जामा मस्जिद में 24 नवंबर को अदालत के आदेश पर दूसरे दिन सर्वे के दौरान बवाल मच गया। मस्जिद के सर्वे का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए और पथराव किया। इस दौरान उग्र भीड़ ने आगजनी भी की, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और उपजिलाधिकारी व पुलिस क्षेत्राधिकारी समेत 20 लोग घायल हो गए।

प्रदर्शनकारियों के पथराव के बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और हल्का बल प्रयोग किया। हिंसा की वजह से संभल तहसील में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं और 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल सोमवार तक के लिए बंद कर दिए गए। हालांकि, पुलिस का कहना है कि हालात पर काबू पा लिया गया है, लेकिन पुलिस बल अभी भी मौके पर मौजूद है।

हिंसा के बढ़ते माहौल में उन्मादी भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस बल आग की लपटों के बीच शांति व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रहा था।

24 नवंबर को मस्जिद का सर्वे करने के लिए एक टीम पहुंची थी, लेकिन सर्वे टीम के बाहर निकलने से पहले ही बवाल शुरू हो गया। अचानक, कुछ लोग वहां पहुंचकर पत्थरबाजी करने लगे। पुलिस पर बेरहमी से पत्थर फेंके जा रहे थे। यह भीड़ पूरी तरह से उन्मादी हो चुकी थी और कई बार पुलिस के साथ झड़पें हुईं।

हिंसा में मारे गए तीन व्यक्तियों की पहचान मुरादाबाद मंडल के आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने मोहल्ला कोट गर्वी निवासी नईम, सरायतरीन निवासी बिलाल और हयातनगर निवासी नोमान के रूप में की है। मरने वाले लोगों के परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस ने गोली चलाई, जबकि पुलिस का कहना है कि यह मौतें उपद्रवियों की फायरिंग से हुईं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि पत्थरबाजों और उपद्रवियों के खिलाफ रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाया जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हिंसा में शामिल लोग इतने पत्थर कहां से लेकर आए थे, क्योंकि कुछ ही मिनटों में इतनी बड़ी मात्रा में पत्थर जमा करना मुश्किल था। पुलिस किसी भी साजिश में शामिल लोगों को बख्शने की बात कर रही है।

संभल पुलिस ने इस हिंसा के सिलसिले में 21 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के घरों से हथियार बरामद हुए हैं और उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है।

इस हिंसा के दौरान संभल के एसपी का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वह पथराव कर रहे युवाओं से कह रहे थे कि वे अपना भविष्य बर्बाद न करें और नेताओं के बहकावे में न आएं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और कई लोगों ने इसे सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.), राज्य सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह घटना राज्य के उपचुनाव में अनियमितताओं से ध्यान हटाने के लिए रची गई एक साजिश है।

हिंसा के दौरान कुछ स्थानों पर लोगों को सड़कों पर “जय श्री राम” के नारे लगाते हुए भी देखा गया। जमीयत उलमा-ए-हिन्द (अरशद मदनी) ने भी इस घटना पर एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि पुलिस और हिन्दू पक्ष के वकीलों के साथ कुछ ऐसे लोग भी मस्जिद के पास थे जो नारेबाजी कर रहे थे, जिससे माहौल और उग्र हो गया।

मस्जिद को लेकर हिंदू पक्ष ने अदालत में एक याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह स्थान पहले हरिहर मंदिर था। अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वे के आदेश दिए थे। पहले 19 नवंबर को सर्वे हुआ था और फिर 24 नवंबर को दूसरी बार सर्वे के लिए टीम मस्जिद पहुंची। मस्जिद कमेटी ने भी इस सर्वे को सहमति दी थी, लेकिन इस बार सर्वे के दौरान हिंसा हो गई।

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