Trains Running Late : उत्तर प्रदेश में घने कोहरे ने न केवल लोगों को बल्कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों को भी परेशान कर दिया है। कोहरे के कारण यूपी के अधिकांश इलाकों में विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है। शुक्रवार को रेलवे ट्रैक पर विजिबिलिटी केवल 30 से 50 मीटर के बीच रही, जिससे रेलवे संचालन प्रभावित हुआ। ट्रेनों की गति धीमी होने से कई ट्रेनें अपनी निर्धारित समय से काफी देर से स्टेशन तक पहुंची। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में घने कोहरे की वजह से रेलवे के संचालन पर और भी असर पड़ सकता है।
कोहरे की चपेट में 292 रेलवे स्टेशन
उत्तर प्रदेश के पांच रेल मंडलों के 292 रेलवे स्टेशन इस समय घने कोहरे की चपेट में हैं। कोहरे के कारण ट्रेनों की गति धीमी हो गई है, जिससे यात्रियों को अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। विजिबिलिटी कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। साथ ही, ट्रेनें देरी से चलने से यात्रियों को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और उन्हें स्टेशन पर ठंड में घंटों समय बिताना पड़ रहा है।
देरी से चल रही प्रमुख ट्रेनें
कोहरे के कारण कई ट्रेनें अपनी निर्धारित समय से काफी देरी से चल रही हैं। शुक्रवार को दिल्ली से आनंद विहार होकर पटना और प्रयागराज होते हुए जोगबनी स्टेशन जाने वाली सीमांचल एक्सप्रेस 5 घंटे 14 मिनट की देरी से चल रही थी। नई दिल्ली से लखनऊ और जौनपुर होते हुए राजगीर जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस 2 घंटे 41 मिनट की देरी से चल रही थी। इसी तरह, आनंद विहार से कानपुर और पटना होते हुए भागलपुर जाने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस भी 4 घंटे 46 मिनट की देरी से चल रही थी।
10 घंटे 36 मिनट की देरी से चल रही तेजस राजधानी एक्सप्रेस
कोहरे की वजह से दिल्ली से प्रयागराज और पटना साहिब होते हुए राजेंद्र नगर जाने वाली आरजेपीबी तेजस राज अपने निर्धारित समय से 10 घंटे 36 मिनट की देरी से चल रही थी। इसके अलावा, नई दिल्ली से राजेंद्र नगर जाने वाली सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस भी 5 घंटे 29 मिनट की देरी से चल रही थी। इसी तरह, दिल्ली आने वाली 49 ट्रेनें भी कोहरे के कारण देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
सम्भावित प्रभाव
यदि कोहरा इसी तरह बना रहता है, तो आने वाले दिनों में और भी ट्रेनें देरी से चल सकती हैं। इसके साथ ही, यात्रियों को अधिक परेशानी हो सकती है, और रेलवे अधिकारियों को इस स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।
ये भी पढ़ें : Bijapur Journalist Murder : पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में 3 आरोपियों की गिरफ्तारी, सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
ये भी देखें : Acharya Pramod ने PM Modi की तारीफ, Asaduddin Owaisi पर जमकर साधा निशाना


