UP Crime : उत्तर प्रदेश से इंसानियत को शर्मशार कर देने वाली खबर सामने आई है। अगर समाज कल्याण के अधिकारी ही ऐसी हरकत करेंगे तो समाज का कल्याण आखिर कैसे होगा। आपको बता दे कि अपर जिला न्यायालय पॉक्सो कोर्ट के विशेष जिला न्यायाधीश दीपक यादव ने दातागंज थाने के पुलिस इंस्पेक्टर को समरेर ब्लॉक के सरकारी आवासीय पैटर्न स्कूल की प्रिंसिपल सुषमा गौतम के खिलाफ प्रारंभिक जांच दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह आदेश निरीक्षणालय क्षेत्र के उसावां गांव के एक निवासी द्वारा आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत दायर याचिका के जवाब में आया है।
ये भी देखें : PM Modi ने Ram Mandir पर डाक टिकटों का एक संग्रह जारी किया, माँ शबरी, जटायु, केवटराज का डाक टिकट |
क्या है मामला
UP Crime : उपरोक्त स्कूल में पढ़ने वाली दो बेटियों के पिता याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि 22 जनवरी को जिला समाज कल्याण अधिकारी रामजनम ने प्रिंसिपल सुषमा गौतम के साथ स्कूल का दौरा किया। निरीक्षण करने के बाद प्रिंसिपल कथित तौर पर अपनी दोनों बेटियों को एक कमरे में ले गए। शिकायत के मुताबिक निरीक्षण के बाद प्रिंसिपल ने बेटियों के साथ अनुचित व्यवहार किया और आपत्ति जताने पर धमकी देते हुए उनके साथ लगभग आधे घंटे तक ये अश्लील हरकत का सिलसिला जारी रहा। घर पहुंचते ही बेटियों ने पिता को सारी बार बताई।
शिकायतकर्ता ने जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस सहित विभिन्न अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जवाब न मिलने से निराश होकर याचिकाकर्ता ने कोर्ट की शरण ली। दायर याचिका के जवाब में अब कोर्ट ने दातागंज थाने को अगले 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक जांच शुरू करने का निर्देश दिया है।
यह मामला शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और भलाई के बारे में चिंता पैदा करता है, और अदालत का निर्णय स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ आरोपों की गहन जांच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ेगी मामले में आगे के घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।


