UP News : उत्तर प्रदेश में दस विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तैयारियां चल रही हैं, ऐसे में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच चल रही जुबानी जंग और भी तीखी हो गई है।
योगी आदित्यनाथ के वार पर अखिलेश का पलटवार
हाल ही में अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, “जैसे कुत्ते की दुम सीधी नहीं की जा सकती, वैसे ही इन गुंडों को सुधारा नहीं जा सकता। हमारी सरकार उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए कार्रवाई कर रही है।” उन्होंने अपनी बात को पुख्ता करने के लिए कासगंज, भदोही, अयोध्या और कानपुर में हुई हाल की घटनाओं का हवाला दिया।
इसके जवाब में अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “ऐसा लगता है कि कोई अभद्र भाषा का इस्तेमाल करके रिकॉर्ड तोड़ने पर आमादा है। एक व्यक्ति के विचार उसके शब्दों में ही प्रकट होते हैं। सभी को सद्बुद्धि मिले।”
उपचुनाव से पहले राजनीतिक टकराव
आगामी उपचुनावों ने उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है, जिसमें अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ के बीच वाकयुद्ध भी शामिल है। इससे पहले अखिलेश ने स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) पर सवाल उठाए थे, जिसमें उसके अधिकारियों के जातिगत प्रतिनिधित्व के बारे में डेटा साझा किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि जातिगत प्रतिनिधित्व में असंतुलन है और दावा किया था कि कुछ जातियों को तरजीह दी जा रही है। इस पर सोशल मीडिया पर काफी बहस हुई और राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल मच गई।
इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश के दावों को खारिज करते हुए कहा कि एसटीएफ का प्राथमिक कर्तव्य अपराधियों को पकड़ना और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी अधिकारी का चयन जाति के आधार पर नहीं किया जाता है। योगी ने गंभीर अपराधों को उजागर करने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में एसटीएफ की भूमिका की भी प्रशंसा की।
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